संन्यासी से सिंहासन तक

Summary :

Delhi News/राहुल शर्मा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर देश का प्रधानमंत्री बनने तक 25 साल का शानदार सफर पूरा करने जा रहे हैं। नरेन्द्र मोदी का जीवन संन्यास से शुरू होकर सिंहासन तक पहुंचा है, यह कहना है कि दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद का। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा समाप्त करने के बाद लगभग 16-17 वर्ष की आयु में नरेन्द्र मोदी ने दैनिक जीवन और परिवार से विरक्त होकर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का निर्णय लिया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, असम के गुवाहाटी और उत्तराखंड के अल्मोड़ा…

Delhi News/राहुल शर्मा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर देश का प्रधानमंत्री बनने तक 25 साल का शानदार सफर पूरा करने जा रहे हैं। नरेन्द्र मोदी का जीवन संन्यास से शुरू होकर सिंहासन तक पहुंचा है, यह कहना है कि दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद का।

उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा समाप्त करने के बाद लगभग 16-17 वर्ष की आयु में नरेन्द्र मोदी ने दैनिक जीवन और परिवार से विरक्त होकर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का निर्णय लिया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ, असम के गुवाहाटी और उत्तराखंड के अल्मोड़ा सहित देश के कई धार्मिक स्थलों और आश्रमों की यात्रा की। बेलूर मठ और अन्य जगहों पर वरिष्ठ संतों ने उन्हें समझाया था कि उनका जीवन एकांत में संन्यास के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के लिए है।

हिमालय और विभिन्न मठों में समय बिताने के बाद उन्हें यह अहसास हुआ कि राष्ट्र और समाज की सेवा बिना संन्यास धारण किए भी पूरी निष्ठा से की जा सकती है। वहां से राजनीतिक यात्रा शुरू करने पर नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्तूबर, 2001 को बतौर गुजरात मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और लगातार सीएम बने रहे। 26 मई, 2014 से मोदी लगातार पीएम के पद पर आसीन हैं। देश में सबसे अधिक दिन प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने के साथ ही पीएम मोदी एक ऐसी श‌ख्सियत हैं जिन्हें ‘लास्ट पसर्न कनेक्टिविटी’ कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है।

पंजाब केसरी से हुई विशेष बातचीत में आशीष सूद ने नरेन्द्र मोदी का राजनीतिक सफर गुजरात से लेकर देश का प्रधानमंत्री बनने तक नाबाद रहा है। हर मोड़, हर चुनौती और मौके पर उन्होंने बेबाकी से अपनी बहूमुखी प्रतिभा का लोहा न केवल देश, बल्कि विदेशों में भी मनवा दिया है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम को देखने के लिए कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश की जनता में उत्साह रहता है। इस कार्यक्रम में वह हर बार कोई न कोई अनोखा विषय लेकर आते हैं। देश के सुदूर क्षेत्रों में बसे इलाकों का जिक्र करना यानी हर चीज पर निगरानी बरतना। कश्मीर हो या लद्दाख हो या नक्सली प्रभावित क्षेत्र हो, वहां की बखूबी जानकारी होना, उस क्षेत्र की भाषा, जलवायु की विशेषता या संस्कृति उनसे अछूती नहीं है। यही कारण है कि पीएम मोदी देश के जिस भी राज्य में जाते हैं, वहां के रंगरूप में रच-बस जाते हैं। वहां की भाषा में कुछ प्रमुख संवाद या स्लोगन, वेशभूषा, टोपी या गमछा लेना वह कभी नहीं भूलते हैं।

सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर रंग और हर अंदाज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। देश में आंतकियों ने चाहे पुलवामा अटैक किया हो या फिर दिल्ली में बीते साल नवंबर का आतंकी हमला, पहलगाम की घटना हो या नक्सल एरिया में सैनिकों के साथ हुआ कोई हादसा, देश-विदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ी हों या हाल ही में कैप्टन ‌स्मित मच्छार के शौर्य का प्रदर्शन हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह स्वयं स्मित से अस्पताल में लाइव कॉल कर उनका हाल जाना, परिजनों से उनकी कुशलक्षेम पूछी, यह हर किसी के बस की बात नहीं है।

बोर्ड परीक्षा से पूर्व सीबीएसई परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ाना हो या फिर यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा को पास कर देश की सेवा के लिए कदम रखने वाले नये अधिकारी हों, सभी को गुरुमंत्र देना पीएम मोदी नहीं भूलते हैं। कोविड में आपदा को अवसर में बदलने के लिए देशवासियों को प्रेरणा देने वाले स्वयं नरेन्द्र मोदी ही हैं। 15 अगस्त पर लालकिले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने के बाद एनसीसी और स्कूली बच्चों के बीच जाकर हाथ मिलाना या उनका अभिवादन स्वीकार करना, यह सब गुण एक व्यक्ति में विद्यमान होना कोई सामान्य बात नहीं है। जिस प्रकार सोना आग में तपकर कुंदन बनता है, ठीक उसकी प्रकार अपने व्यक्तित्व को निखारकर पीएम मोदी ने बाल काल अवस्था से ही स्वयं को तपाकर इस मुकाम पर पहुंचाने का कार्य किया है।

दिल्ली के गृहमंत्री ने कहा कि जिस समय देश सो रहा ‌होता है, उस समय भी देश के पीएम के दिल और दिमाग में राष्ट्र कल्याण की भावना से ओत-प्रोत भाव निरंतर राष्ट्र प्रथम के लिए न्योछावर रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के मान-सम्मान को नित नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में पीएम मोदी का अतुलनीय योगदान है और उस पर वे निरंतर अग्रसर हैं।

Sumant Chaudhary