नई दिल्ली : पिछले दो दशकों से दिल्ली विधानसभा की सत्ता से बाहर भाजपा में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही। हालत यह है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी नेता एकजुट होने की जगह खुद को बड़ा दिखाने के लिए आपस में लड़ रहे हैं। ऐसे ही मामले रविवार को किराड़ी और गोकलपुरी विधानसभा में देखने को मिला। किराड़ी में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर एक समारोह का आयोजन किया गया था।
इस समारोह के दौरान आप सरकार की पोल खोलनी थी लेकिन यहां आईं भाजपा की दिल्ली महिला अध्यक्ष व पार्षद पूनम पराशर झा, पार्षद उर्मिला चौधरी, सोना चौधरी आपस में मंच पर ही झगड़ बैठीं। हालात हाथापाई तक पहुंच गए। यह देखकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय मंच से कुछ बोले बिना निकल गए। उन्हें जाता देख समारोह में आई जनता भी मौके से गायब हो गई। पार्टी नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार जब मुख्य अतिथि मंच पर पहुंचे तभी पूर्व विधायक अनिल झा के समर्थक उनके समर्थन में नारेबाजी करने लगे।
तभी जिले के महामंत्री राजपाल शौकीन ने इसका विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के नाम की जय जय कार करने को कहा। इसी बात को लेकर मंच पर मौजूद नेता पूनम पराशर ने इसका विरोध किया, जिसके विरोध में वार्ड 40 और वार्ड 42 की पार्षद उनसे उलझ गईं। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना के संबंध में पूनम पराशर का कहना है कि उनके साथ पार्षद उर्मिला और सोना ने मारपीट की। इस घटना में उन्हें चोट आई है।
उन्होंने घटना के बाद अमन विहार थाने में पुलिस को शिकायत दी और वह एमएलसी करवाने आई है। वहीं उर्मिला चौधरी ने कहा कि पूनम झूठ बोल रही है। उसी ने पहले झगड़ा शुरू किया। पूनम ने उनके साथ मारपीट की। जब नीचे उतरने लगी तो पुलिस का डंडा छीनकर मारने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पूनम के समर्थकों ने उसके साथ आए लोगों को भी मारा-पीटा। वहीं सोना चौधरी ने कहा कि उनके पति को मारा-पीटा गया है। उन्हें चोट भी आई है। इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दी गई है।
पदों को लेकर हुई थी तीखी नोंक झोक… गोकलपुरी में हुए समारोह के दौरान प्रदेश स्तर के नेता आपस में भीड़ गए। नेताओं ने मिली जानकारी के अनुसार जिला स्तर के नेता व यहां आए पार्षद के बीच पदों को लेकर तीखी नोंक झोक हो गई थी।


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