क्यूएस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों का परचम, जानें एम्स और IIT दिल्ली को कौन सी मिली रैंक?

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IIT Delhi : वैश्विक स्तर पर भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों का दबदबा लगातार मजबूत हो रहा है। प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुनिया की अग्रणी मेडिकल यूनिवर्सिटीज में 105वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने लगातार दूसरे वर्ष देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान का स्थान बरकरार रखते हुए वैश्विक स्तर पर 118वीं रैंक हासिल की है। दोनों संस्थानों की यह उपलब्धि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।…

IIT Delhi : वैश्विक स्तर पर भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों का दबदबा लगातार मजबूत हो रहा है। प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुनिया की अग्रणी मेडिकल यूनिवर्सिटीज में 105वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने लगातार दूसरे वर्ष देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान का स्थान बरकरार रखते हुए वैश्विक स्तर पर 118वीं रैंक हासिल की है।

दोनों संस्थानों की यह उपलब्धि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया समेत कई भारतीय विश्वविद्यालयों ने भी अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्थानों की साख और मजबूत हुई है। रिसर्च और एकेडमिक्स के लिए मशहूर जेएनयू ने भी लंबी रेस लगाई है। इस बार जेएनयू दुनिया भर में 555वें स्थान पर पहुंच गई है।

बता दें कि एम्स की यह उपलब्धि संस्थान की मरीजों की देखभाल, उच्च स्तरीय शिक्षण और शोध कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एम्स की इस उपलब्धि पर अस्थाई निदेशक डॉ. निखिल टंडन ने बताया कि एम्स न केवल देश के कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को समर्थन प्रदान करता है, बल्कि बेसिक, क्लिनिकल और ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। संस्थान में विकसित हो रही नई डायग्नोस्टिक किट्स और एसेज स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर रही हैं।

इसके साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीकों को अपनाने में एम्स अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कार्डियो-रेडियो डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने कहा कि एम्स में अत्याआधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीजों को बेहतर उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता भी संस्थान की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

आईआईटी दिल्ली का दबदबा बरकरार

आईआईटी दिल्ली ने एक बार फिर देश के शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग-2027 में वैश्विक स्तर पर 118वां स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष की तुलना में संस्थान ने पांच स्थानों का सुधार दर्ज किया है और इस उपलब्धि के साथ किसी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल सर्वोच्च वैश्विक रैंक की बराबरी भी कर ली है।

IIT दिल्ली के संकायाध्यक्ष (योजना) एवं रैंकिंग प्रकोष्ठ के प्रमुख प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा कि संस्थान विश्वस्तरीय और किफायती तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार का केंद्र बनने के लक्ष्य पर निरंतर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम, अत्याधुनिक आधारभूत संरचना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में संस्थान की गुणवत्ता और प्रभाव को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान रैंकिंग को लक्ष्य नहीं, बल्कि अपने प्रयासों का परिणाम मानता है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 6 अंक उठी डीयू की ग्लोबल रैंकिंग

डीयू ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी स्थिति पहले से और बेहतर की है। DU कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि इस बार डीयू ने वैश्विक स्तर पर 322वीं ग्लोबल रैंक हासिल की है, जबकि पिछले वर्ष, रैंकिंग 2026 में डीयू 328वें स्थान पर था। कुलपति ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों में डीयू पहले स्थान पर है और देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में डीयू का 7वां स्थान रहा है, इससे देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में डीयू की जगह और मजबूत हुई है।

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स के ताजा संस्करण में दुनिया भर के 8,808 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया है, जिसमें 106 देशों और क्षेत्रों के 1,504 विश्वविद्यालयों को रैंकिंग में स्थान मिला है। प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि इस रैंकिंग में शामिल किए गए 52 भारतीय संस्थानों में, दिल्ली विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति मज़बूत की है।

जामिया 75 पायदान की बढ़त के साथ 686वें स्थान पर

जामिया ने 75 स्थानों की छलांग लगाकर वैश्विक स्तर पर 686वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय देश के शीर्ष 20 संस्थानों में भी शामिल हो गया है। पिछले वर्ष जामिया 761-770 रैंक बैंड में था। रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि संस्थान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और उच्च स्तरीय शोध कार्यों ने जामिया को यह मुकाम दिलाया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की मेहनत को दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की निदेशक प्रो. रफत परवीन और उनकी टीम के योगदान की भी सराहना की।

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Avinay