पश्चिमी दिल्ली : दिल्ली में सीलिंग, कन्वर्जन चार्ज, एफडीआई को लेकर व्यापारियों के दिल्ली बंद का बाहरी दिल्ली में मिलाजुला असर देखने को मिला, कई जगह व्यापारी सुबह से ही मार्किटों में इकट्ठा होना शुरू हो गए थे, कई जगह पूरे दिन दुकानें बंद रहीं और कई जगह दोपहर के बाद बाजार खुल गए। पालम के सभी बाजार पूरा दिन बंद रहे।
साध नगर मर्चेंट एसोसिएशन (राम चौक) मार्किट के अध्यक्ष राजेन्द्र कश्यप और साधनगर मार्किट एसो. के प्रमुख महेश शर्मा की अगुवाई में व्यापारियों ने घूम-घूम कर बाजारों में बंद की अपील की। उन्होंने कहा, सौ प्रतिशत एफडीआई, सीलिंग, कन्वर्जन चार्ज ने व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ कर रख दी है। इस समय जरूरत है सभी को मिल-बैठ कर इस समस्या का हल निकालने की, नहीं तो छोटे दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे। ग्रामीण इलाके के बड़े बाजारों में शुमार नजफगढ़ में पूर्ण बंद रहा लेकिन दोपहर बाद कुछ दुकानें खुली नजर आईं, इसी तरह पंजाबी बस्ती नांगलोई की मार्किट में दोपहर बाद बरसात के बाद भी पूरी चहल-पहल देखी गई।
शुक्र बाजार मार्किट, सुल्तानपुरी रोड में पूर्ण बंद रहा। मार्किट के प्रधान सुभाष बिंदल की अगुवाई में व्यापारियों ने बंद को पूरा समर्थन दिया। इसके अलावा बाहरी दिल्ली की सबसे बड़ी मार्किट नरेला में बंद का कोई असर नहीं दिखा, सुबह से ही लगभग सभी दुकानें खुली रही। सुबह से जारी बरसात ने भी बाजार बंद कराने वालों की योजना पर पानी फेर दिया। बवाना में सारे बाजार में बंद का कोई खास असर नहीं था। बरसात के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी जरूरत का सामान खरीदने बाजारों में आए।
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