दक्षिणी दिल्ली : जसौला इलाके में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा की दो विषय में कम अंक आने से कंपार्टमेंट आई थी। इसी कारण वह परिणाम आने के बाद से तनाव में चल रही थी। सरिता विहार पुलिस घटनास्थल से सुसाइड नोट मिलने की बात से इंकार कर रही है। खराब परीक्षा परिणाम आने पर स्कूली बच्चे आएदिन अवसाद का शिकार बन रहे हैं। ताजा मामला जसौला का है। यहां रहने वाली 13 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस उम्र में बच्चे खेलते-कूदते हैं, उस उम्र में यह मासूम फांसी के फंदे पर झूल गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गत शुक्रवार की शाम पांच बजे छात्रा की मां सब्जी खरीदने गई थीं। करीब आधा घंटे बाद जब वह अपने घर लौटी तो अंदर से दरवाजा बंद मिला। दरवाजा खोलने पर उन्होंने पाया कि बेटी ने पंखे पर लटक कर दुपट्टे से फांसी लगा ली। आनन-फानन में उसे तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि छात्रा सुखदेव विहार स्थित देव समाज स्कूल की सातवीं कक्षा में पढ़ती थी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों फर्श बाजार इलाके में सातवीं कक्षा के एक छात्र ने घर पर बाथरूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उसके सुसाइड को भी परीक्षा परिणाम से जोड़कर ही देखा जा रहा था। इसके अलावा मयूर विहार स्थित एलकॉन पब्लिक स्कूल की छात्रा द्वारा की गई खुदकुशी का मामला भी चर्चा में है।
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