गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने बीजेपी पर गोरखा लोगों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए से नाता तोड़ लिया है। टीडीपी के बाद वह ऐसा करने वाली दूसरी पार्टी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एलएम लामा ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीजेपी व केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की एनडीए के साथ अब मोर्चा का कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि पृथक राज्य की मांग पर पिछले साल लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद गोजमुमो दो भाग में बंट गया था।नवंबर में विनय तमांग गुट ने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले गोजमुमो सुप्रीमो बिमल गुरुंग और सचिव रोशन गिरि समेत अन्य को पार्टी से निलंबित कर दिया था और विनय तमांग को पार्टी का नया प्रमुख चुना था। आंदोलन के दौरान ही विनय तमांग तृणमूल सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिल गए और उनकी मदद से राज्य सरकार आंदोलन को समाप्त कराने में सफल रही।
अब विनय तमांग ने गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला कर बीजेपी को पहाड़ पर बड़ा झटका दिया है। गौरतलब है कि परोक्ष रूप से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को समर्थन देने के चलते गोजमुमो की मदद से दार्जिलिंग लोकसभा सीट पर 2009 व 2014 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह व एसएस अहलुवालिया ने जीत दर्ज की थी। बिमल गुरुंग की जब तक चली, उन्होंने भाजपा का पूरा समर्थन दिया।
गोरखालैंड आंदोलन के दौरान राज्य सरकार द्वारा दर्ज किए गए कई गंभीर मामलों के कारण गुरुंग पिछले कई महीनों से फरार चल रहे हैं। ऐसे में विनय तमांग ने मौके की नजाकत को भांपते हुए राजग से नाता तोड़कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है।
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