लगता है बिहार में जंगलराज चल रहा है इसका ताजा उदाहरण सुपौल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना है जिसने एक बार फिर से प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के त्रिवेणीगंज में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय हाई स्कूल में रहने वाली छात्राओं ने जब मनचलों की छेड़छाड़ का विरोध किया तो उन लोगों ने लड़कियों की जमकर पिटाई कर दी।
घटना शनिवार शाम की है जब बाकी दिनों की तरह गांव के कुछ युवक इस आवासीय स्कूल की दीवार पर अश्लील और भद्दी बातें लिख रहे थे। ये देख छात्राओं ने इसका विरोध किया। नाराज छात्राओं ने एक युवक को जमकर डांट लगाई जिसके बाद कुछ ही मिनटों में गांव के 2 दर्जन से भी ज्यादा लड़के लाठी डंडों के साथ स्कूल में पहुंच गए और छात्राओं पर हमला कर दिया। गांव के इन गुंडों ने मना करने के बाद पहले तो स्कूल में तोड़फोड़ की उसके बाद एक-एक करके तकरीबन 3 दर्जन से भी ज्यादा छात्राओं की जमकर पिटाई की। तकरीबन एक घंटे तक गुंडों का कहर छात्राओं पर बरपता रहा और कोई भी उनकी मदद के लिए सामने नहीं आया।
इस घटना में तकरीबन 40 लड़कियां बुरे तरीके से घायल हो गईं हैं। थोड़ी देर के बाद जब प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो एंबुलेंस के साथ स्कूल पहुंचे और एक-एक करके सभी छात्राओं को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया। इस दौरान कई छात्राओं के शरीर से खून बह रहा था और वह दर्द से कराह रही थीं।
दरअसल, पिछले कई महीनों से त्रिवेणीगंज में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय हाई स्कूल की छात्राएं स्थानीय युवकों की छेड़छाड़ का शिकार बन रही थीं। कई बार इन छात्राओं ने स्कूल प्रशासन से इसकी शिकायत भी लेकिन उनकी हर शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया। गांव के लड़के अक्सर स्कूल की दीवार पर अश्लील और भद्दी बातें लिखकर लड़कियों को शर्मसार किया करते हैं।
आखिरकार जब शनिवार को इन छात्राओं ने एक युवक को फिर से स्कूल की दीवार पर अश्लील बातें लिखते पकड़ लिया तो उनके बर्दाश्त की सीमा खत्म हो गई और उन्होंने लड़के को जमकर लताड़ा जिसके बाद यह दर्दनाक घटना घटी। घटना को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि वह दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।


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