जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुछ छात्रों ने सोमवार को एक एम्बुलेंस को कथित तौर पर रोका और बीमार प्रोफेसर को डॉक्टरों से मिलने भी नहीं दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने बताया कि सुबह में अंतर छात्रावास प्रशासन (आईएचए) की बैठक जेएनयू के कन्वेंशन सेंटर में हो रही थी जिस दौरान कुछ छात्र जबरन वहां आ गए। ये छात्र आईएचए के सदस्य भी नहीं हैं।
उन्होंने बताया, ‘‘ समिति के सदस्यों ने छात्रों से बाहर चले जाने और बैठक को बरकरार जारी रखने देने की अपील की, लेकिन छात्र और आक्रामक हो गए और जोर-जोर से नारे लगाने लगे और इसके बाद डीन ऑफ स्टूडेंट्स (डीओएस) की ओर बढ़े।’’
इस माहौल में डीओएस उमेश कदम का रक्तचाप काफी बढ़ गया और वह बीमार हो गए लेकिन छात्रों ने अंसवेदनशीलता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को अस्पताल की तरफ बढ़ने भी नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने विश्वविद्यालय के डॉक्टरों को भी कदम तक पहुंचने से रोका।
इस घटना की निंदा करते हुए जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने ट्विटर पर कहा कि जेएनयू प्रशासन इन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का विचार कर रही है, आज जो हुआ वह बर्दाश्त के काबिल नहीं है बल्कि खतरनाक और शर्मनाक है। रजिस्ट्रार ने बताया कि अभी छात्रों ने विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र का घेराव कर रखा है। इस संबंध में अभी तक छात्र संघ से प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो पाई है।


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