LG Action On Problems In Delhi Markets : राजधानी के प्रमुख बाजारों में कारोबारियों और ग्राहकों को रोजाना होने वाली परेशानियों के स्थायी समाधान के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बाजार एवं व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाजारों में बढ़ते अनधिकृत अतिक्रमण, यातायात जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और आम लोगों की शिकायतों के समाधान में आ रही दिक्कतों को सीधे व्यापारियों से समझना और इनके व्यावहारिक समाधान की दिशा तय करना था। बैठक में सरोजिनी नगर, लाजपत नगर, कनॉट प्लेस, मोरी गेट और चांदनी चौक समेत कई प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
व्यापारी प्रतिनिधियों ने बाजारों में कारोबार के दौरान सामने आने वाली जमीनी समस्याओं को उपराज्यपाल के समक्ष रखा। इनमें दुकानों और बाजार की सड़कों पर अनधिकृत अतिक्रमण, पैदल चलने के रास्तों पर कब्जा, वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यातायात का दबाव, बेतरतीब पार्किंग और इसके कारण लगने वाले जाम जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। इन समस्याओं का सीधा असर व्यापारियों के साथ-साथ बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों पर भी पड़ता है। भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण बाजारों में पहुंचना मुश्किल होने से कारोबार प्रभावित होने की चिंता भी बैठक में सामने आई।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस की ओर से विभिन्न थानों में आयोजित की जा रही ‘जन सुनवाई’ को लेकर भी बाजार प्रतिनिधियों से फीडबैक लिया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि इन जनसुनवाइयों के माध्यम से व्यापारियों और आम नागरिकों की शिकायतें वास्तव में संबंधित अधिकारियों तक पहुंच रही हैं या नहीं और उनका समयबद्ध समाधान हो रहा है या नहीं। स्थानीय लोगों से सीधे संवाद को उन्होंने पुलिस की जवाबदेही और जमीनी समस्याओं की पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
बैठक का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना ही नहीं, बल्कि बाजारों की व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा। व्यापारियों से सीधे फीडबैक मिलने से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि अतिक्रमण हटाने, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सार्वजनिक शिकायतों के निस्तारण के लिए किए जा रहे प्रयास जमीन पर कितने प्रभावी हैं। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं के आधार पर कार्रवाई की प्राथमिकताएं तय करने में भी मदद मिल सकती है।
संधू ने कहा कि दिल्ली के प्रमुख बाजार केवल खरीदारी के केंद्र नहीं हैं, बल्कि राजधानी की आर्थिक गतिविधियों और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए बाजारों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आसानी से पहुंच योग्य बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ बेहतर शहरी नियोजन और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने कहा कि बाजारों में पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह, सुचारु यातायात, यातायात अनुशासन, व्यवस्थित पार्किंग और साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थान सुनिश्चित करना प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। इससे न केवल व्यापारियों और ग्राहकों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली के प्रमुख बाजारों की सुंदरता और उनकी व्यावसायिक पहचान भी बरकरार रहेगी। उन्होंने बाजार संगठनों से लगातार फीडबैक और रचनात्मक सहयोग जारी रखने की अपील की।



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