जलभराव पर एलजी सख्त, सड़कों पर उतारे पीडब्ल्यूडी के आला अफसर

Summary :

LG Strict On Waterlogging : राजधानी में बारिश के दौरान बार-बार हो रहे जलभराव को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की सख्ती के बाद अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के शीर्ष अधिकारियों को सीधे मैदान में उतार दिया गया है। प्रमुख सचिव और विशेष सचिव से लेकर इंजीनियर-इन-चीफ, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं तक को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव वाले स्थानों का मौके पर निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक स्थान पर समस्या की असली वजह तलाशने के साथ ही तत्काल राहत और स्थायी समाधान सुझाना होगा। इसकी स्थानवार रिपोर्ट 31 अगस्त तक पीडब्ल्यूडी के प्रमुख…

LG Strict On Waterlogging : राजधानी में बारिश के दौरान बार-बार हो रहे जलभराव को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की सख्ती के बाद अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के शीर्ष अधिकारियों को सीधे मैदान में उतार दिया गया है। प्रमुख सचिव और विशेष सचिव से लेकर इंजीनियर-इन-चीफ, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं तक को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव वाले स्थानों का मौके पर निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक स्थान पर समस्या की असली वजह तलाशने के साथ ही तत्काल राहत और स्थायी समाधान सुझाना होगा। इसकी स्थानवार रिपोर्ट 31 अगस्त तक पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कवायद उपराज्यपाल द्वारा 25 अगस्त को जलभराव की स्थिति की समीक्षा के बाद दिए गए निर्देशों के तहत शुरू की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 20 अगस्त तक हुई बारिश के दौरान राजधानी में जलभराव के 113 स्थान चिह्नित किए थे। इसके बाद 24 अगस्त की बारिश में 26 और स्थान सामने आए। कई जगह बार-बार पानी भरने को गंभीरता से लेते हुए अब पीडब्ल्यूडी को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय कर अपने अधिकार क्षेत्र वाले स्थानों की जमीनी पड़ताल करने को कहा गया है।

वहीं, शनिवार को होने वाले निरीक्षण के लिए अधिकारियों की सड़क और क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय की गई है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव महरौली-बदरपुर रोड पर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करेंगे। विशेष सचिव को एमजी रोड, ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और महिपालपुर बाईपास रोड की जिम्मेदारी दी गई है। इंजीनियर-इन-चीफ उत्तर जोन में नांगलोई-नजफगढ़ रोड, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मॉडल टाउन और लाला जगत नारायण मार्ग सहित चिह्नित स्थानों का जायजा लेंगे।

इसी तरह मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में उन स्थानों पर विशेष ध्यान देंगे जहां जलभराव पुरानी या बार-बार सामने आने वाली समस्या है। इनमें ईस्ट जोन में न्यू रोहतक रोड और बुराड़ी की 100 फीट रोड, नॉर्थ जोन में बलबीर सिंह सिद्धू मार्ग, प्रेमबाड़ी अंडरपास और पल्ला तथा साउथ जोन में डाबड़ी नाला रोड, आरटीआर मार्ग और नजफगढ़-कापसहेड़ा रोड शामिल हैं। अधीक्षण अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश हैं कि उनके क्षेत्र में चिह्नित हर जलभराव वाले स्थान का भौतिक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण केवल पानी भरने की स्थिति देखने तक सीमित नहीं रहेगा।

अधिकारियों को मौके पर ड्रेनेज व्यवस्था, पानी निकलने वाले आउटफॉल की स्थिति, नालियों में गाद या रुकावट, पंपों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता के साथ अतिक्रमण अथवा किसी अन्य अवरोध की जांच करनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि मौजूदा संसाधनों और बुनियादी ढांचे के जरिए तत्काल कौन से कदम उठाकर मानसून के बाकी दिनों में जलभराव की अवधि और गंभीरता कम की जा सकती है।

लापरवाही पर पहचान आसान, कर्मचारियों को पीडब्ल्यूडी लोगो वाली जैकेट

जलभराव से निपटने में जवाबदेही तय करने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंप हाउस ऑपरेटरों, पीटीओ पंप ऑपरेटरों तथा सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं (एई-जेई) को पीडब्ल्यूडी के लोगो वाली जैकेट और रेनकोट उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। इसका उद्देश्य मौके पर तैनात कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना है, ताकि ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जा सके।

मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को निर्धारित समय में निरीक्षण पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें प्रत्येक स्थान के लिए तत्काल उठाए जा सकने वाले कदमों के साथ दीर्घकालीन समाधान भी सुझाने होंगे। मानसून के शेष दिनों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पूरे अभियान को अत्यावश्यक और समयबद्ध श्रेणी में रखा गया है।

Sumant Chaudhary