उत्तर प्रदेश/अयोध्या: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार है। दीपोत्सव 2026 के मौके पर पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है। शाम होते ही सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाट लाखों दीयों की रोशनी से जगमगाने वाले हैं। इस बार करीब 30 लाख मिट्टी के दीये जलाकर भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी मनाई जाएगी। आयोजन को भव्य रूप देने के लिए प्रशासन ने कई दिनों से तैयारियां की हैं। घाटों पर दीयों को व्यवस्थित तरीके से सजाया गया है। स्वयंसेवक उनमें तेल डालने और बातियां लगाने के काम में जुटे रहे। राम की पैड़ी, सरयू घाट और रामकथा घाट सहित कई स्थानों पर उत्सव की खास रौनक देखने को मिल रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दीपोत्सव का सबसे खास आकर्षण सरयू नदी के किनारे होने वाला दीप प्रज्वलन है। सूर्यास्त के बाद एक साथ लाखों दीये जलाए जाएंगे, जिससे पूरी अयोध्या जगमगा उठेगी। इस मौके पर शहर के प्रमुख रास्तों और मंदिरों को भी खूबसूरती से सजाया गया है। कार्यक्रम की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग जगह LED स्क्रीन लगाई गई हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरी रामनगरी में उत्सव का माहौल बना हुआ है। वहीं, दीपोत्सव की शुरुआत पर आयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
रामभक्तों से माफी मांगकर अयोध्या आएं विपक्षी नेता: योगी
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, “… During the 500-year period of subjugation—an era marked by foreign invaders—many might have doubted whether it would ever be possible for Ram Lalla to be enshrined in Ayodhya once again. Yet today, Ayodhya Dham is reclaiming the glory for which kar sevaks made supreme sacrifices and revered saints waged a long struggle—a movement for the Ram Janmabhoomi. Today, under the guidance and leadership of Prime Minister Modi, and in resonance with the true spirit of Ayodhya—a place that once witnessed lathi charges and gunfire merely for uttering the name Shri Ram, a place where the very mention of Ram was once sinfully prohibited, and a place that had been left completely neglected and seemingly cursed—Ayodhya has come alive once more, evoking the memories of the Treta Yuga.”
— ANI (@ANI) November 7, 2026
CM योगी ने दीपोत्सव के मंच से विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी रामभक्तों पर गोली चलवाने का फैसला लिया था, उन्हें अयोध्या आकर अपने पुराने रवैये के लिए माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम सभी को क्षमा करने वाले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय ऐसा भी था, जब अयोध्या की उपेक्षा की गई और भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए गए। राम मंदिर से जुड़े कानूनी मामले में विरोध करने वालों पर भी उन्होंने टिप्पणी की।
सीएम योगी ने कहा कि मौजूदा समय में अयोध्या की पहचान और स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, माता शबरी और जटायु जैसे पात्रों को सम्मान देने की बात कही।
उपराष्ट्रपति का अयोध्या पहुंचने पर स्वागत
दीपोत्सव 2026 के अवसर पर अयोध्या पहुंचे उपराष्ट्रपति का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। इस दौरान सीएम योगी ने उनके जीवन और देश के प्रति योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे उपराष्ट्रपति ने भारतीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखते हुए देश की कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के इस खास मौके पर अयोध्या की पवित्र धरती पर उपराष्ट्रपति का स्वागत और अभिनंदन करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुए इस कार्यक्रम के दौरान ऐसा लगा था, मानो पूरी अयोध्या पर आसमान से फूलों की बारिश हो रही हो।
CM योगी ने भगवान राम और माता जानकी की उतारी आरती
दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम और माता जानकी की पूजा-अर्चना की।इसके बाद उन्होंने दोनों की आरती उतारी। मुख्यमंत्री इस साल अयोध्या में आयोजित 10वें दीपोत्सव समारोह में शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर पूरी रामनगरी को भव्य तरीके से सजाया गया है और दीपोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा के लिए 6 हजार पुलिसकर्मी तैनात
- दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
- प्रशासन ने पूरे आयोजन क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को सौंपी है।
- व्यवस्था संभालने के लिए करीब 6 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
- इनके अलावा 20 एडिशनल एसपी, 45 सीओ, पीएसी की 9 कंपनियां और आरएएफ की 3 कंपनियां भी सुरक्षा में लगाई गई हैं। यूपी एटीएस की दो कमांडो टीमें भी निगरानी करेंगी।
- सरयू नदी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
- नदी के किनारे पीएसी की फ्लड कंपनी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
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