ग्रीन कॉरिडोर से 20 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा लीवर ट्रांसप्लांट मरीज, परिजनों ने कहा—’आज पुलिस ने नई जिंदगी दी’

Summary :

Delhi Traffic Police Created Green Corridor : कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ कुछ मिनटों का फासला होता है। मंगलवार शाम राजधानी की व्यस्त सड़कों पर ऐसा ही एक पल आया, जब लीवर ट्रांसप्लांट के लिए हैदराबाद रवाना होने वाले एक मरीज के लिए हर सेकेंड बेहद कीमती था। ऐसे नाजुक समय में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिर्फ ट्रैफिक नहीं संभाला, बल्कि उम्मीद की ऐसी राह बनाई जिसने मरीज को समय पर नई जिंदगी की ओर बढ़ने का मौका दे दिया। डीसीपी सेंट्रल ट्रैफिक निशांत गुप्ता के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ग्रीन कॉरिडोर की बदौलत मरीज को सर…

Delhi Traffic Police Created Green Corridor : कभी-कभी जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ कुछ मिनटों का फासला होता है। मंगलवार शाम राजधानी की व्यस्त सड़कों पर ऐसा ही एक पल आया, जब लीवर ट्रांसप्लांट के लिए हैदराबाद रवाना होने वाले एक मरीज के लिए हर सेकेंड बेहद कीमती था। ऐसे नाजुक समय में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिर्फ ट्रैफिक नहीं संभाला, बल्कि उम्मीद की ऐसी राह बनाई जिसने मरीज को समय पर नई जिंदगी की ओर बढ़ने का मौका दे दिया।

डीसीपी सेंट्रल ट्रैफिक निशांत गुप्ता के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ग्रीन कॉरिडोर की बदौलत मरीज को सर गंगा राम अस्पताल से आईजीआई एयरपोर्ट तक महज 20 से 22 मिनट में पहुंचा दिया गया, जिससे वह समय पर हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट पकड़ सका।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे ग्रीन कॉरिडोर का अनुरोध मिलते ही करोल बाग ट्रैफिक सर्किल की इंस्पेक्टर मोनिका और आईजीआई ट्रैफिक सर्किल के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पूरी टीम सक्रिय हो गई। हेड कांस्टेबल सनी ने विभिन्न इकाइयों के बीच रियल टाइम समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। हेड कांस्टेबल हेमराज और सुखविंदर मोटरसाइकिल पर एंबुलेंस को एस्कॉर्ट करते रहे, जबकि हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह ने पूरे रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया। वहीं कांस्टेबल प्रदीप नैन और पंकज लगातार ट्रैफिक की लाइव मॉनिटरिंग कर आगे का रास्ता साफ कराते रहे।

पीक आवर में 20 किमी का सफर महज 20 मिनट में पूरा

पीक आवर की भारी भीड़ के बावजूद लगभग 20 किलोमीटर का सफर रिकॉर्ड 20 से 22 मिनट में पूरा कराया गया। मरीज समय पर एयरपोर्ट पहुंचा और जीवनरक्षक लीवर ट्रांसप्लांट के लिए हैदराबाद रवाना हो गया। मरीज के परिजनों ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का आभार जताते हुए कहा, “यह हमारे लिए सिर्फ ग्रीन कॉरिडोर नहीं था, बल्कि नई जिंदगी की डोर थी। आज दिल्ली पुलिस ने हमारे अपने को नई उम्मीद दी है।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आईपीएल मैच के दौरान घायल क्रिकेटर लुंगी एनगिडी को अरुण जेटली स्टेडियम से अस्पताल तक महज 11 मिनट में पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया था। एक बार फिर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साबित कर दिया कि वर्दी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में किसी की जिंदगी बचाने का सबसे मजबूत सहारा भी है।

Sumant Chaudhary