Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मानसून सत्र के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की दो रिपोर्टें तथा दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से संबंधित एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, समयबद्ध सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों से संबंधित तीन विधेयक भी आठवीं विधानसभा के छठे सत्र (7 से 11 अगस्त, 2026) के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन के पटल पर ‘वर्ष 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट संख्या-01, वर्ष 2026’ तथा ‘वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट संख्या-02, वर्ष 2026’ प्रस्तुत करेंगी।
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (ओपन एक्सेस हेतु नियम एवं शर्तें) (द्वितीय संशोधन) विनियम, 2026 से संबंधित अधिसूचना तथा उसके शुद्धिपत्र को सदन के पटल पर रखेंगे।
गुप्ता ने यह भी बताया कि जिन विधेयकों को सदन में प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें ‘दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाओं की उपलब्धता का अधिकार) विधेयक, 2026’ शामिल है, जिसके माध्यम से दिल्ली (नागरिकों को समयबद्ध सेवाओं का अधिकार) अधिनियम, 2011 को निरस्त करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड अधिनियम, 2010 की धारा 2 के खंड (जी) के उपखंड (iii) में संशोधन संबंधी विधेयक तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (इन्क्रेडिबल इंडिया) बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2007 एवं उससे संबंधित वर्ष 2010 और 2021 के संशोधन अधिनियमों को निरस्त करने संबंधी विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।



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