शेयर बाजार में मुनाफे का सपना दिखाकर देशभर में करोड़ों की ठगी

Summary :

Delhi Cyber ​​Police Busts Fake Call Centre : अगर कोई खुद को नामी निवेश कंपनी का कर्मचारी बताकर शेयर बाजार या फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का दावा करे, तो सतर्क हो जाइए। ऐसे ही झांसे में आकर दिल्ली के उत्तम नगर निवासी एक व्यक्ति ने 17.30 लाख गंवा दिए। लेकिन इस मामले की जांच ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। द्वारका जिला साइबर थाना पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में करीब छह साल से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनकी…

Delhi Cyber ​​Police Busts Fake Call Centre : अगर कोई खुद को नामी निवेश कंपनी का कर्मचारी बताकर शेयर बाजार या फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का दावा करे, तो सतर्क हो जाइए। ऐसे ही झांसे में आकर दिल्ली के उत्तम नगर निवासी एक व्यक्ति ने 17.30 लाख गंवा दिए। लेकिन इस मामले की जांच ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। द्वारका जिला साइबर थाना पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में करीब छह साल से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान सुमित सिंह चौधरी (23) राहुल सिंह (32) , अश्विनी कुमार (35) महेश सिंह (32) पीयूष राठौर (27) रविंदर सिंह चौहान (24) के रूप में हुई है।

वहीं,  सभी आरोपी फर्जी निवेश कॉल सेंटर में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। किसी का काम निवेशकों को फोन कर झांसे में लेना था, तो कोई टीम लीडर के रूप में पूरे ऑपरेशन का संचालन करता था। पुलिस ने सभी आरोपियों को इंदौर कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर गिरफ्तार किया। ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल के मार्गदर्शन में डीसीपी कुशल पाल सिंह व एडिशनल डीसीपी विकास मीणा की देखरेख में एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक और इंस्पेक्टर संदीप तुषीर, इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व की टीम ने यह कार्रवाई की है।

1,400 से ज्यादा निवेशकों का डाटा बरामद

पुलिस ने कॉल सेंटर से 28 सीपीयू, 25 मोबाइल फोन, दो वाई-फाई राउटर, एक डीवीआर और एक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरा जब्त किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सीपीयू में 1,400 से अधिक एक्सेल शीट मिलीं, जिनमें देशभर के हजारों निवेशकों के नाम, मोबाइल नंबर, पैन नंबर, ई-मेल और बैंक संबंधी जानकारी संग्रहीत थी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमे साल 2020 के डाटा सामने आए है। जांच में सामने आया कि गिरोह पहले लोगों को भारतीय शेयर बाजार में छोटा निवेश कराकर नकली मुनाफा दिखाता था। विश्वास बनने के बाद उन्हें फर्जी अंतरराष्ट्रीय फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। स्क्रीन पर लगातार बढ़ता हुआ फर्जी मुनाफा दिखाकर लाखों रुपये जमा कराए जाते थे। जब निवेशक पैसे निकालने की कोशिश करता, तो बहाने बनाकर ट्रेडिंग में नुकसान दिखा दिया जाता और पूरी रकम हड़प ली जाती।

इंदौर के शॉपिंग मॉल को बनाया ठगी का अड्डा

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तकनीकी जांच के आधार पर इंदौर के एक शॉपिंग मॉल में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया गया। वहां से सुमित सिंह चौधरी, राहुल सिंह, अश्विनी कुमार, महेश सिंह, पीयूष राठौर और रविंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी कॉलर या टीम लीडर के रूप में काम कर रहे थे और उन्हें 10 से 14 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ ठगी की रकम पर 10 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। अब तक की जांच में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार समेत कई राज्यों की 54.70 लाख से अधिक की साइबर शिकायतें इस गिरोह से जुड़ी मिली हैं। पुलिस मास्टरमाइंड और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

 

Sumant Chaudhary