चुनाव आयोग ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की सुल्तानपुर में ‘‘एबीसीडी’’ टिप्पणी के लिए ‘‘कड़ी निंदा’’ की। मेनका ने वहां मतदाताओं को चेतावनी दी कि जिन इलाकों में उन्हें वोट नहीं मिलेंगे वहां सरकारी काम में दिक्कत आएगी। आयोग ने उन्हें चेतावनी दी कि ‘‘भविष्य में इस तरह का गलत आचरण’’ नहीं दोहराएं।
चुनाव आयोग के आदेश में कहा गया है कि मेनका ने न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया बल्कि ‘‘भ्रष्टाचार’’ से निपटने वाले जनप्रतिनिधि कानून का भी उल्लंघन किया है। सुल्तानपुर के सरकोडा गांव में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मेनका ने 14 अप्रैल को कहा था, ‘‘हम हर बार पीलीभीत में जीतते हैं, तो फिर हम एक गांव में ज्यादा काम करते हैं और दूसरे में कम, इसका पैमाना क्या है?’’
उन्होंने कहा था, ‘‘पैमाना है कि हम सभी गांवों को ए, बी, सी, डी के रूप में अलग-अलग करते हैं। जिस गांव में हमें 80 फीसदी वोट मिलता है वह ए है, जहां 60 फीसदी वोट मिलता है वह बी है, 50 फीसदी वोट करने वाले गांव सी श्रेणी में हैं और 50 फीसदी से कम वोट करने वाले गांव डी श्रेणी में आते हैं।’’ उन्होंने कहा कि सभी ए श्रेणी के गांवों में सबसे पहले विकास का काम होता है।


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