MCD की व्यापारियों को बड़ी राहत! अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जमा होगी ट्रेड लाइसेंस फीस

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MCD Trade License Fee: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नागरिकों और व्यापारियों को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस की फीस अलग से जमा नहीं करनी होगी, बल्कि इसे प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जोड़ा गया है। इस नई व्यवस्था से लाइसेंस लेने और फीस जमा करने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। एमसीडी के मुताबिक, पहले जनरल ट्रेड लाइसेंस (जीटीएल) के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब जिन संपत्तियों के पास यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड (यूपीआईसी) है, उनके मालिक…

MCD Trade License Fee: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नागरिकों और व्यापारियों को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस की फीस अलग से जमा नहीं करनी होगी, बल्कि इसे प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जोड़ा गया है। इस नई व्यवस्था से लाइसेंस लेने और फीस जमा करने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। एमसीडी के मुताबिक, पहले जनरल ट्रेड लाइसेंस (जीटीएल) के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब जिन संपत्तियों के पास यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड (यूपीआईसी) है, उनके मालिक या कब्जाधारी सीधे प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल पर जाकर टैक्स के साथ ही लाइसेंस फीस जमा कर सकेंगे।

लाइसेंस फीस का निर्धारण और ‘डिम्ड लाइसेंस’

नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस फीस को सरल बनाते हुए इसे प्रॉपर्टी टैक्स का 15 प्रतिशत तय किया गया है। यह राशि हर साल प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही जमा करनी होगी। एमसीडी का कहना है कि इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और परेशानी मुक्त होगी। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब अलग से लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स के साथ फीस जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद ही संबंधित परिसर के लिए वैध ट्रेड या स्टोरेज लाइसेंस मानी जाएगी। यह ‘डिम्ड लाइसेंस’ एक वित्तीय वर्ष तक मान्य रहेगा।

नियमों का पालन और जिम्मेदारी

हालांकि, एमसीडी ने साफ किया है कि व्यापार करने वाले सभी लोगों को प्रदूषण नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित विभागों से अनुमति लेना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संपत्ति मालिक या व्यापार संचालक की ही होगी। नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।