Nationwide Tribal Pride Celebrations : जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा एक से 15 नवंबर तक पूरे देश में ‘जनजातीय गौरव पखवाड़ा’ का आयोजन किया जाएगा। इसका समापन 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के साथ होगा, जो ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है। इसका उद्देश्य मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं को गति देना, उनके लाभों को अंतिम छोर पर बसे जनजातीय परिवारों तक पहुंचाना, और जनजातीय समुदायों, छात्रों तथा नागरिकों के बीच विभिन्न योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2021 में 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित किया था। पिछले 5 वर्षों में, जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन रांची (2021), खूंटी (2022 और 2023), जमुई (2024) और डेडियापाड़ा (2025) में किया गया है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को 2024-25 में ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 28 से अधिक कार्यक्रम और 2 लाख से ज़्यादा गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 3.8 करोड़ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
इस वर्ष (2026) ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के आयोजनों के तहत, मंत्रालय ने पखवाड़े भर चलने वाले कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों की घोषणा की है। इसके तहत 12 नवंबर को, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लगभग 200 छात्र राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से संवाद करेंगे। 12 और 13 नवंबर को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के जनजातीय लेखक हिस्सा लेंगे। इसके अलावा भी इसके तहत कई और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


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