New Delhi: असम और मेघालय में विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, मुख्यमंत्रियों ने निर्मला सीतारमण से की मुलाकात

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New Delhi: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान दोनों राज्यों में Externally Aided Projects (EAPs) यानी बाहरी वित्तीय सहायता से चलने वाली विकास परियोजनाओं को फिर से तेज करने की मांग रखी गई।

New Delhi, September 9: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान दोनों राज्यों में Externally Aided Projects (EAPs) यानी बाहरी वित्तीय सहायता से चलने वाली विकास परियोजनाओं को फिर से तेज करने की मांग रखी गई।

बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूंजीगत खर्च बढ़ाने और विकास से जुड़े नए निवेश के रास्ते तैयार करने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि बाहरी सहायता से मिलने वाली परियोजनाओं के जरिए राज्यों में सड़क, परिवहन, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कामों को गति दी जा सकती है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य असम और मेघालय में बड़े स्तर पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाना रहा। इससे दोनों राज्यों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों के लिए जरूरी सामाजिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा?

बैठक के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों में Externally Aided Projects की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

सरमा के मुताबिक, ऐसी परियोजनाओं को गति मिलने से असम और मेघालय में भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को मजबूती से रखा।

वित्त मंत्री ने दिया सकारात्मक भरोसा

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोनों राज्यों की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार की ओर से नए प्रयास किए जाने का भरोसा भी दिया।

इससे उम्मीद बढ़ी है कि पूर्वोत्तर राज्यों में बाहरी सहायता से जुड़ी विकास परियोजनाओं को आने वाले समय में ज्यादा तेजी मिल सकती है। खासतौर पर बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र में निवेश बढ़ने से क्षेत्र के विकास को मजबूती मिलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर के लिए क्यों अहम है यह पहल?

असम और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में बेहतर सड़क, परिवहन, शहरी सुविधाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी जरूरी सेवाओं के लिए लगातार निवेश की जरूरत रहती है। ऐसे में Externally Aided Projects विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।

दोनों मुख्यमंत्रियों की वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक को इसी नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के जरिए राज्यों में लंबे समय के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने और विकास की गति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

बैठक में अधिकारी भी रहे मौजूद

बैठक नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई। इसमें असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन के अलावा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

असम और मेघालय की सरकारें अब केंद्र के साथ मिलकर बाहरी सहायता वाली परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। अगर इन प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी और वित्तीय सहयोग मिलता है, तो दोनों राज्यों में बड़े विकास कार्यों के लिए निवेश का दायरा बढ़ सकता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।