रांची : झारखंड में जनजातीय विषयों और उनके सांस्कृतिक परंपराओं पर अध्यापन के साथ ही ट्राइबल टूरिज्म, स्पोर्ट्स और नर्सिंग की पढ़ाई के लिए जल्द नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी का सपना साकार होने वाला है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास से आज इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर टी.वी कट्टीमनी ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड में भी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी जो एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी होगी जल्द ही खोली जाएगी।
श्री दास ने कहा कि झारखंड में ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए केन्द्र से पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के वाइस चांसलर ने झारखंड में स्थापित होने वाले नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी को हर संभव सहयोग देने की पेशकश की है। इस यूनिवर्सिटी में जनजातीय विषयों और उनके सांस्कृतिक परंपराओं पर अध्यापन के साथ ही ट्राइबल टूरिज्म, स्पोर्ट्स और नर्सिंग की पढ़ाई होगी।
चिह्नित विद्यालयों में पहाड़िया बच्चे ही पढ़ेंगे: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज स्पष्ट किया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहाड़िया समुदाय के लिए चिन्हित आवासीय उच्च विद्यालयों में पहाड़िया बच्चे ही पढ़ेंगे। श्री दास ने यहां कहा कि राज्य के दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों के वैसे अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय जिनमें पूर्व से पहाड़िया समुदाय के बच्चे अध्ययनरत रहे हैं उनमें राज्य स्तरीय नामांकन परीक्षा के प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित अथवा पूर्व से अध्ययनरत केवल पहाड़िया समुदाय के बच्चों का ही नामांकन होगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को इस संबंध में निदेश दिया है।
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