Rajpal Yadav Check Bounce Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट की लगातार दखल के बावजूद, समझौते की आख़िरी कोशिशें नाकाम रही, जिसके बाद मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बकाए के भुगतान को लेकर यादव के बदलते रुख़ पर साफ़ तौर पर नाराज़गी ज़ाहिर की।
कोर्ट ने कहा कि मुझे अपने सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं। आपने जो हलफ़नामा दिया था, उसमें कुछ और कहा था, और अब आप कुछ और कह रहे हैं। शिकायत करने वाली कंपनी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि यादव पहले ही अपना दोष स्वीकार कर चुके हैं और अब वे अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने आगे यह भी दलील दी कि सज़ा पूरी हो जाने से भी आरोपी अपनी आर्थिक ज़िम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो जाता।
धारा 138 के तहत कानूनी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि बार-बार भरोसा दिलाने के बावजूद, बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते शिकायतकर्ता के पास ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ की धारा 138 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था। हांलाकि इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुए राजपाल यादव ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें पहले ही काफ़ी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें अपने पांच फ़्लैट बेचने पड़े हैं और वे पहले ही एक बड़ी रकम चुका चुके हैं। अपनी तकलीफ़ और हताशा ज़ाहिर करते हुए, उन्होंने कहा कि मैं भावुक नहीं हो रहा हूं, आप चाहें तो मुझे पांच बार और जेल भेज दें।
Also Read: सावधान! NEET-PG में नहीं होगा कोई Special Stray Vacancy Round, एनएमसी ने छात्रों को किया सतर्क


Download Android App
Download iOS App




