Robbery : पत्नी की मौत के गम में डूबे एक कारोबारी को उसके ही भरोसेमंद नौकर ने ऐसा धोखा दिया, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। द्वारका जिले के बिंदापुर इलाके में वर्षों से काम कर रहे नौकर ने मालिक की पारिवारिक त्रासदी और घर की परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए अपने दोस्तों के साथ मिलकर 2.42 लाख रुपये की लूट की साजिश रच डाली।
घटना उस समय अंजाम दी गई, जब कारोबारी अपनी पत्नी के निधन के बाद मानसिक रूप से परेशान था और उसका बेटा भी गांव गया हुआ था। आरोप है कि नौकर ने अपने साथियों को पूरी जानकारी देकर दुकान को निशाना बनवाया, जहां मालिक के साथ मारपीट कर अलमारी में रखी नकदी लूट ली गई। मामले की जांच में जुटी बिंदापुर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और 52 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
DCP द्वारका कुशल पाल सिंह ने बताया कि 11 जून की रात बिंदापुर थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली थी। शिकायतकर्ता जयपाल ने बताया कि वह अपने डस्ट स्टॉक प्वाइंट पर बैठा था, तभी दो युवक अंदर घुसे और उसके साथ मारपीट कर अलमारी में रखे 2 लाख 42 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी संजीव कुमार की निगरानी में एसएचओ बिंदापुर इंस्पेक्टर नरेश सांगवान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। एसीपी संजीव कुमार के मार्गदर्शन में टीम ने दिन-रात मेहनत कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें दबोचकर पूरे लूटकांड का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से हथियार बरामद
तलाशी में उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होने की बात कबूल करते हुए अपने साथी सुमित कुमार का नाम भी उजागर किया। पुलिस ने बाद में सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि अजय पिछले सात-आठ वर्षों से जयपाल के यहां नौकरी कर रहा था। उसे मालिक की आर्थिक गतिविधियों और दुकान में रखी नकदी की पूरी जानकारी थी। पत्नी के निधन और बेटे के गांव चले जाने के कारण कारोबारी की कमजोर स्थिति को देखते हुए उसने अपने साथियों के साथ लूट की योजना बनाई।
वारदात के बाद लूटी गई रकम आपस में बांट ली गई, जिसमें अजय और सुमित को 52-52 हजार रुपये मिले। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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