Delhi : राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और ऐतिहासिक क्षेत्र सेंट्रल विस्टा में बढ़ती यातायात चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने एक विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन कराने की योजना बनाई है। इस अध्ययन का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात जाम को कम करने, ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखने तथा समारोहों और वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के उपाय तलाशना है।
DMRC के अनुसार, अध्ययन में वर्ष 2060 तक की परिवहन आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सके। यह अध्ययन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र की कुछ सबसे व्यस्त सड़कों पर केंद्रित होगा, जिनमें सी-हेक्सागन, मान सिंह मार्ग, रफी अहमद किदवई मार्ग और तीन मूर्ति मार्ग प्रमुख हैं।
सुरंगों, अंडरपास और परिवहन अवसंरचना विकल्पों की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। निगम ने बताया कि यातायात बाधाओं को कम करने के लिए सुरंगों, अंडरपास और अन्य आधुनिक परिवहन अवसंरचना विकल्पों की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए डीएमआरसी ने विस्तृत परामर्श कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं। चयनित परामर्शदाता को मौजूदा यातायात व्यवस्था का अध्ययन करने, भविष्य की मांग का अनुमान लगाने और क्षेत्र में गतिशीलता सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करने होंगे।
सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव
डीएमआरसी के मुताबिक, इस अनुबंध के लिए 4.14 लाख रुपये की बयाना राशि (ईएमडी) निर्धारित की गई है। परामर्शदाता को अध्ययन पूरा करने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा।
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