तिहाड़ में खूनी हमले का फरार आरोपी रोहित चौधरी गैंग का शूटर गिरफ्तार

Summary :

Delhi Police Special Cell : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात रोहित चौधरी गैंग के सक्रिय सदस्य और चार मामलों में घोषित भगोड़े राहुल रावत को राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 700 किलोमीटर दूर छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दस दिनों तक चली मानव खुफिया निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के बाद स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया। डीसीपी नारा चैतन्य ने बताया कि एसीपी पूरन चंद्र पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप यादव और इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व की टीम यह कार्रवाई की। 17 जुलाई…

Delhi Police Special Cell : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात रोहित चौधरी गैंग के सक्रिय सदस्य और चार मामलों में घोषित भगोड़े राहुल रावत को राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 700 किलोमीटर दूर छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दस दिनों तक चली मानव खुफिया निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के बाद स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया।

डीसीपी नारा चैतन्य ने बताया कि एसीपी पूरन चंद्र पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप यादव और इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व की टीम यह कार्रवाई की। 17 जुलाई को राहुल के उदयपुर में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत राजस्थान रवाना हुई। लगातार निगरानी के बाद 18 जुलाई को उसे अग्रवाल कॉलोनी, उदयपुर से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। पुलिस के अनुसार राहुल रावत वर्ष 2023 में तिहाड़ जेल के भीतर एक बंदी पर नुकीले हथियारों से जानलेवा हमला करने के मामले में वांछित था।

बता दें कि यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था, लेकिन जेल स्टाफ की तत्परता से बंदी की जान बच गई थी। बाद में घायल बंदी की फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ आगरा में हुई मुठभेड़ में मौत हो गई। राहुल रावत के खिलाफ कारजैकिंग, अपहरण, लूट, गवाह को धमकाने, अवैध हथियार रखने और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह चार मामलों में अदालत द्वारा घोषित भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और अदालत में भी पेश नहीं हो रहा था।

Sumant Chaudhary