Tapti Hostel Controversy: तापती हॉस्टल से बाबा साहेब का चित्र हटाने पर जेएनयू में बवाल, छात्र संघ ने खोला मोर्चा

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Tapti Hostel Controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक बार फिर से छात्र संघ ने विरोध-प्रदर्शन किया है। इस बार जेएनयू स्थित तापती हॉस्टल में बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का कथित रूप से चित्र हटाने को लेकर बवान मचा है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) का आरोप है कि तापती हॉस्टल की वार्डन विनिका जोशी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र हटाए जाने के खिलाफ विरोध किया है। छात्रसंघ ने इस घटना को सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। समावेशी माहौल और विचारधारा पर चिंता छात्रसंघ के अनुसार, हॉस्टल परिसर से बाबा साहेब का चित्र…

Tapti Hostel Controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक बार फिर से छात्र संघ ने विरोध-प्रदर्शन किया है। इस बार जेएनयू स्थित तापती हॉस्टल में बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का कथित रूप से चित्र हटाने को लेकर बवान मचा है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) का आरोप है कि तापती हॉस्टल की वार्डन विनिका जोशी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र हटाए जाने के खिलाफ विरोध किया है। छात्रसंघ ने इस घटना को सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।

समावेशी माहौल और विचारधारा पर चिंता

छात्रसंघ के अनुसार, हॉस्टल परिसर से बाबा साहेब का चित्र हटाना न केवल छात्रों की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि यह विश्वविद्यालय के समावेशी और लोकतांत्रिक माहौल पर भी सवाल खड़े करता है। जेएनयूएसयू ने कहा कि संस्थान में दलित-बहुजन विचारधारा और समानता के प्रतीकों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। जेएनयूएसयू ने आरोप लगाया कि पिछले महीने जेएनयू के कुलपति द्वारा दलितों और अश्वेत समुदाय को लेकर कथित रूप से की गई टिप्पणी भी विवाद का विषय बनी थी। छात्रसंघ का कहना है कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय के वातावरण को प्रभावित कर रही हैं।

प्रशासन से मांग और आंदोलन की चेतावनी

छात्रसंघ ने अपने बयान में कहा कि आरएसएस से जुड़े शिक्षकों और प्रशासनिक पदाधिकारियों पर विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने और संस्थान को जातिवादी एवं सामंती सोच की ओर ले जाने का प्रयास करने के आरोप लग रहे हैं। जेएनयूएसयू ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा परिसर में सभी सामाजिक-न्याय आधारित प्रतीकों और मूल्यों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक छात्र आंदोलन शुरू करेंगे।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।