एसआईआर के खिलाफ दिल्ली में घर-घर आंदोलन चलाएगा इंडिया ब्लॉक

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SIR News : दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर इंडिया ब्लॉक ने अपने आंदोलन को व्यापक बनाने का फैसला किया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन स्थित कार्यालय में शुक्रवार को इंडिया ब्लॉक के दिल्ली के घटक दलों की बैठक हुई। इसमें एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में आंदोलन को दिल्ली की हर गली, बस्ती और मोहल्ले तक पहुंचाने तथा एक नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली…

SIR News : दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर इंडिया ब्लॉक ने अपने आंदोलन को व्यापक बनाने का फैसला किया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन स्थित कार्यालय में शुक्रवार को इंडिया ब्लॉक के दिल्ली के घटक दलों की बैठक हुई। इसमें एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और जंतर-मंतर को विरोध स्थल की सूची से हटाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में आंदोलन को दिल्ली की हर गली, बस्ती और मोहल्ले तक पहुंचाने तथा एक नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को सफल बनाने पर सहमति बनी।

बैठक में आरोप लगाया गया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली में करीब 40 लाख लोगों के वोट काटे गए हैं, जबकि 33 लाख लोगों को नोटिस दिए गए हैं। इसे नागरिकों के मताधिकार पर हमला बताते हुए कहा गया कि जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से सूची से हटाए गए हैं, उन्हें भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इंडिया ब्लॉक के घटक दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, एसआईआर रद्द करने, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और चुनाव आयुक्तों को आपराधिक मामलों में मिली कानूनी छूट समाप्त करने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।

बैठक में तय किया गया कि 23 अक्टूबर को मोहल्लों, बस्तियों और गांवों में नागरिक समूहों तथा जन संगठनों की भागीदारी से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा पोस्टर, हैंडबिल और सोशल मीडिया के माध्यम से एक सप्ताह तक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। सभी घटक दल मिलकर एक नवंबर 2026 की प्रस्तावित रैली की तैयारियां करेंगे।

पुलिस कार्रवाई और जंतर-मंतर का मुद्दा उठा

बैठक में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को काम करने से रोका गया तथा उनके साथ मारपीट की गई। महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, युवाओं की पिटाई और छात्रों, वकीलों तथा अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियों पर भी विरोध जताया गया। नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया। जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले को भी लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए इसे दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की मांग की गई।

Sumant Chaudhary