दिशा-निर्देश न मानने पर कैग ने की यूजीसी की खिंचाई

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नयी दिल्ली : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने कहा है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की महिलाओं को होस्टल सुविधा प्रदान करने की योजना में 9.91 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता को वर्तमान योजना दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये बिना जारी किया गया और परियोजना में देरी हुई। लोकसभा में पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग महिलाओं की स्थिति को सुधारने तथा लिंग समानता के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु महिलाओं को होस्टल सुविधा प्रदान करने की एक योजना कार्यान्वित कर रहा है।

इसमें कहा गया है कि 9.91 करोड़ की वित्तीय सहायता को वर्तमान योजना दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किये बिना जारी किया गया था तथा अनुमानों पर 56.11 लाख रूपये की अधिक अनुदान स्वीकृति थी। इसके अतिरिक्त 26.11 करोड़ रूपये के अनुदान का भुगतान करने वाली 31 परियोजनाएं निर्धारित समय के बाद दो महीने से नौ वर्षो से अधिक समय के बाद भी अपूर्ण रहीं। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2.30 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किये गए दो हास्टल तीन वर्षो से अधिक समय तक अप्रयुक्त रहे।

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Desk Team