बेरोजगारों का डेटा बना ठगी का हथियार, दो फर्जी जॉब सेंटर बेनकाब, 11 गिरफ्तार

Summary :

Central District Crime News : बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो फर्जी जॉब प्लेसमेंट कॉल सेंटर का सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। शादिपुर मेट्रो स्टेशन के पास रंजीत नगर स्थित लाल रतन बिल्डिंग में चल रहे दोनों सेंटरों पर छापेमारी कर पुलिस ने कुल 11 लोगों को पकड़ा है। इनकी पहचान अर्पित, सकीना करिश्मा, मीनाक्षी, चंचल, अशोक आसिम, संदीप, गौरव मलिक, ज्ञान सिंह, रोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन जॉब सर्च और रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म से बेरोजगारों का डेटा हासिल कर उन्हें फोन करते थे। आकर्षक नौकरी का…

Central District Crime News : बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो फर्जी जॉब प्लेसमेंट कॉल सेंटर का सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। शादिपुर मेट्रो स्टेशन के पास रंजीत नगर स्थित लाल रतन बिल्डिंग में चल रहे दोनों सेंटरों पर छापेमारी कर पुलिस ने कुल 11 लोगों को पकड़ा है। इनकी पहचान अर्पित, सकीना करिश्मा, मीनाक्षी, चंचल, अशोक आसिम, संदीप, गौरव मलिक, ज्ञान सिंह, रोहित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन जॉब सर्च और रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म से बेरोजगारों का डेटा हासिल कर उन्हें फोन करते थे। आकर्षक नौकरी का ऑफर देकर रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1200, 1400 और 3500 रुपये तक मांगे जाते थे।

डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एसीपी सुनील कुमार की देखरेख में एसएचओ राजीत नगर त्रिभुवन सिंह नेगी, स्पेशल स्टाफ इंचार्ज संदीप यादव, साइबर एसएचओ के नेतृत्व की टीम यह कार्रवाई की है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के अनुसार, 3 अक्टूबर को दोनों संदिग्ध कॉल सेंटरों की सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ, थाना रंजीत नगर और थाना साइबर की टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और फील्ड वेरिफिकेशन किया। जांच में एक स्थान से बड़ी संख्या में नौकरी से जुड़े कॉल किए जाने की जानकारी मिली।

इसके बाद टीम ने लाल रतन बिल्डिंग में छापा मारा। पहले सेंटर से अरपित, सकीना, करिश्मा, मीनाक्षी, चंचल और अशोक को पकड़ा गया। इसी दौरान स्पेशल स्टाफ और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने उसी बिल्डिंग में चल रहे दूसरे संदिग्ध कॉल सेंटर पर भी कार्रवाई की। यहां आसिम, संदीप, गौरव मलिक, ज्ञान सिंह और रोहित कॉलिंग करते मिले। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान वे किसी कंपनी की वैध अथॉरिटी लेटर, प्लेसमेंट एग्रीमेंट या वास्तविक रूप से नौकरी लगवाए गए उम्मीदवारों का रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके।

जॉब पोर्टल से डेटा जुटाकर बेरोजगारों को फंसाते थे

जांच में सामने आया कि दोनों फर्जी जॉब सेंटर बेरोजगारों का डेटा जुटाकर उन्हें फोन करते थे। एक सेंटर में साइन डॉट कॉम से डेटा लेने की बात सामने आई है। आरोपी खुद को रिक्रूटर बताकर नामी कंपनियों में नौकरी का झांसा देते और रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते थे। रकम मिलने के बाद संपर्क बंद कर देते थे। दूसरे सेंटर में एक्सलाइट वीओआईपी सॉफ्टवेयर से कॉल किए जा रहे थे। पुलिस ने दोनों जगहों से 13 कंप्यूटर, पांच मोबाइल, कॉलिंग सॉफ्टवेयर, जॉब सीकर्स का डेटा और डिजिटल-फाइनेंशियल साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस मास्टरमाइंड और डेटा सप्लायर की तलाश कर रही है।

Sumant Chaudhary