Nagaur Phoolan Bai Temple Manjhwas: राजस्थान के नागौर जिले के मांझवास गांव में फूलां बाई का एक बहुत ही अनोखा मंदिर है। इस मंदिर में किसी मूर्ति की नहीं, बल्कि खेजड़ी के पेड़ की पूजा की जाती है। इस मंदिर की दूसरी बड़ी बात यह है कि इसका गुम्बद पूरे नागौर जिले में सबसे ऊंचा है, जो जमीन से 91 फीट ऊपर है। मंदिर के चारों तरफ झरोखों में संगमरमर से बनी भगवानों की 56 मूर्तियां हैं और हर मूर्ति के ऊपर एक छोटा गुम्बद है। मंदिर में आने-जाने के लिए 5 दरवाज़े हैं।
इस इलाके के गांवों में कोई भी इंसान शराब नहीं पीता। यहां के लोग नशे के सख्त खिलाफ हैं और आज तक गांव में कभी शराब का ठेका नहीं खुला। हर साल फूलां बाई की बरसी पर एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होता है, जहां लोग पेड़-पौधों और वन्य जीवों को बचाने तथा नशा न करने की कसम खाते हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने की थी। अब हर साल इसमें शामिल होने के लिए आस-पास के गांवों और दूसरे राज्यों से भी मांझू जाति के लोग आते हैं।
Nagaur Phoolan Bai Temple Manjhwas: 300 साल पुराना खेजड़ी का पेड़
Best Time to Visit Phoolan Bai Temple: मंदिर दर्शन के लिए सबसे अच्छा समय

अगर आप भी फूलां बाई मंदिर जाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि साल में दो समय सबसे बढ़िया माने जाते हैं-
- सर्दियों का मौसम: राजस्थान में गर्मियों में बहुत तेज धूप और गर्मी होती है। इसलिए अक्टूबर से मार्च के बीच का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे आरामदायक और सुहावना रहता है।
- धर्म सम्मेलन: अगर आप इस गांव की असली संस्कृति, भाईचारे और पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम को करीब से देखना चाहते हैं, तो हर साल आयोजित होने वाले धर्म सम्मेलन के समय यहां आएं। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय होता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


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