कब है आमलकी एकादशी? सौभाग्य और आरोग्य पाने के लिए ऐसे करें विष्णु पूजन, नोट करें विधि

Summary :

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step: हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी का काफी महत्व है। इसे ‘आंवला एकादशी’ या ‘फाल्गुन शुक्ल एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का भी विशेष विधान है। काशी में इसे ‘रंगभरी एकादशी’ के रूप में मनाया जाता है, यहां भगवान शिव और माता गौरी को गुलाल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर समस्त पापों का नाश होता है। आइए जानें इस वर्ष आमलकी एकादशी कब है और इसकी सटीक पूजन विधि…

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step: हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी का काफी महत्व है। इसे ‘आंवला एकादशी’ या ‘फाल्गुन शुक्ल एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का भी विशेष विधान है। काशी में इसे ‘रंगभरी एकादशी’ के रूप में मनाया जाता है, यहां भगवान शिव और माता गौरी को गुलाल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर समस्त पापों का नाश होता है। आइए जानें इस वर्ष आमलकी एकादशी कब है और इसकी सटीक पूजन विधि क्या है।

Amalaki Ekadashi 2026: कब है आमलकी एकादशी?

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step
Amalaki Ekadashi (Image: AI Generated)
पंचांग की गणना के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ 27 फरवरी को रात 12:33 बजे होगा और इसका समापन 27 फरवरी की रात 10:32 बजे पर होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत और रंगभरी एकादशी का उत्सव 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

जो भक्त एकादशी का व्रत रख रहे हैं, उनके लिए भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा का श्रेष्ठ समय सुबह 06:48 बजे से 11:08 बजे तक रहेगा। इसके बाद राहुकाल शुरू हो जाएगा।

  • लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 08:15 से 09:41 तक।
  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 09:41 से 11:08 तक।

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step: आमलकी एकादशी पूजा विधि

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step
Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step (Image: AI Generated)
  • सूर्योदय से पहले उठ जाएं, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान श्री हरि विष्णु का स्मरण करते हुए हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान को पीले पुष्प, पुष्पमाला, पीला चंदन और ऋतु फल अर्पित करें। सात्विक पीले भोजन का भोग लगाएं और तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं।
  • अब श्रद्धापूर्वक आमलकी एकादशी की व्रत कथा सुनें और विष्णु चालीसा या ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
  • पूरे दिन फलाहारी व्रत रखने के बाद, अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का विधिवत पारण करें।

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi: आंवले के वृक्ष की विशेष पूजा विधि

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step
Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step (Image: AI Generated)
  • आंवले के वृक्ष के चारों ओर के स्थान को साफ करें और तने के पास सुंदर रंगोली बनाएं।
  • रंगोली के ऊपर जल से भरा कलश स्थापित करें। कलश के मुख पर श्रीखंड चंदन का लेप लगाएं।
  • कलश में सभी देवी-देवताओं, पवित्र तीर्थों और सागरों का ध्यान करते हुए उन्हें आमंत्रित करें।
  • कलश में सुगंधित इत्र और पंच रत्न डालें। ऊपर एक ढक्कन रखें और उस पर घी का दीपक जलाएं।
  • कलश को पीले वस्त्र से सजाएं और धूप-दीप से आरती करें।
  • अगले दिन व्रत खोलने से पहले ब्राह्मणों को भोजन कराएं। उन्हें सम्मानपूर्वक दक्षिणा दें और स्थापित कलश का दान करें।

Amalaki Ekadashi Significance: आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step
Amalaki Ekadashi Puja Vidhi Step by Step (Image: AI Generated)
इस दिन आंवले के वृक्ष का विशेष महत्व है क्योंकि माना जाता है कि इसमें साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है। विष्णु जी को आंवले का भोग लगाना और इस वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन या पूजा करना स्वास्थ्य और आध्यात्मिक दृष्टि से श्रेष्ठ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आंवला एक ‘अमृत फल’ है। इस दिन की भक्ति से न केवल उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है, बल्कि जीवन के अंत में मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।