22 या 23 मार्च, कब से शुरू है 4 दिनों के चैती छठ का महाअनुष्ठान, नोट करें सूर्योपासना के महापर्व की शुभ तिथियां

Summary :

Chaiti Chhath 2026 Kab Hai: छठ का त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। यह साल में दो बार मनाया जाता है- एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बार चैत्र महीने में। चैत्र में मनाए जाने वाले छठ को ‘चैती छठ’ कहते हैं। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। छठ का महापर्व प्रकृति से हमारे जुड़ाव को दर्शाता है। चैती छठ का व्रत सेहत और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। यह चार दिनों का कठिन निर्जला व्रत होता है जिसमें लोग पानी भी नहीं…

Chaiti Chhath 2026 Kab Hai: छठ का त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है। यह साल में दो बार मनाया जाता है- एक बार कार्तिक महीने में और दूसरी बार चैत्र महीने में। चैत्र में मनाए जाने वाले छठ को ‘चैती छठ’ कहते हैं। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। छठ का महापर्व प्रकृति से हमारे जुड़ाव को दर्शाता है।

चैती छठ का व्रत सेहत और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। यह चार दिनों का कठिन निर्जला व्रत होता है जिसमें लोग पानी भी नहीं पीते। यह पर्व ‘नहाय-खाय’ से शुरू होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होता है। आइए जानें चैती छठ 2026 का पूरा शेड्यूल।

Chaiti Chhath 2026 Kab Hai Dates: चैती छठ 2026 की महत्वपूर्ण तारीखें

Chaiti Chhath 2026
Chaiti Chhath 2026 (Source: Social Media)

साल 2026 में चैती छठ 22 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च तक चलेगा।

  1. प्रथम दिन (नहाय-खाय – 22 मार्च): नहाय-खाय से चैती छठ की शुरुआत होती है। पवित्र नदियों में स्नान के के बाद व्रती सात्विक भोजन के रूप में कद्दू-भात ग्रहण करते हैं, जिससे वे व्रत के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार होते हैं।
  2. द्वितीय दिन (खरना – 23 मार्च): इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को गुड़ की खीर और रोटी का भोग लगाकर इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जिसके बाद से 36 घंटे के कठिन निर्जला व्रत की शुरुआत हो जाती है।
  3. तृतीय दिन (संध्या अर्घ्य – 24 मार्च): महापर्व के इस महत्वपूर्ण दिन व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं, जिसे ‘संध्या अर्घ्य’ कहा जाता है।
  4. चतुर्थ दिन (उषा अर्घ्य – 25 मार्च): छठ पूजा का समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। इस अंतिम अर्घ्य के बाद श्रद्धालु अपना व्रत पूर्ण करते हैं।

यह भी पढ़ें- 21 मार्च को रखा जाएगा गणगौर व्रत, अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें ऐसे करें शिव-पार्वती पूजन

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।