Farooq Abdullah Attack Case : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर कल देर रात एक जानलेवा हमला हुआ। इस घटना को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। खरगे ने सवाल उठाया कि क्या सरकार का इरादा अब्दुल्ला की हत्या का था।
Farooq Abdullah Attack Case: संसद में गरजे खरगे
खरगे ने राज्यसभा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा गृह मंत्रालय के अधीन है और अगर समय पर सुरक्षा नहीं होती, तो हमला जानलेवा साबित हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के हाथ में कश्मीर सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पुनः पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की।
JP Nadda on Farooq Abdullah Case: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिया जवाब

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह मामला गंभीर है और सरकार पूरी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि हर बात को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना सही नहीं है। नड्डा ने खरगे के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सरकार किसी की हत्या का इरादा नहीं रखती। उन्होंने चेताया कि राजनीतिक संदर्भ में बिना पुष्टि के ऐसे बयान देना उचित नहीं है।
हमलावर की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने हमलावर की पहचान कमल सिंह जामवाल, उम्र 63 वर्ष, निवासी पुरानी मंडी, जम्मू के रूप में की है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि पिछले 20 साल से वह फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
Surinder Chaudhary: उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का बयान

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि हमला गंभीर है और यह किसी भी हल्के मामले की तरह नहीं है। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की तत्परता की सराहना की, जिसके कारण हमला विफल हुआ। चौधरी ने उपराज्यपाल से निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति कर मामले की सही जांच कराने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी बताया कि हमला जम्मू में हुआ और इसे आतंकी हमला नहीं माना जा सकता।
Mehbooba Mufti: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं, यह जानकर राहत मिली। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि सुरक्षा में हुई चूक की गहराई से जांच की जाए। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हमले पर चिंता जताई और पूरी जांच की मांग की।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए। इस तरह, फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले ने संसद और राजनीतिक दलों में सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर गंभीर बहस को जन्म दिया है। जांच अभी चल रही है और सभी पक्ष इस घटना को गंभीरता से देख रहे हैं।
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