आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन! यहां देखें मां कूष्मांडा की आरती, पूजा विधि और पूर्ण फल पाने के नियम

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Chaitra Navratri Day 4: सनातन धर्म में कोई भी पूजा बिना आरती के नहीं पूरी होती है। माना जाता है कि देवी-देवताओं की पूजा में आरती सभी गलतियों और कमियों को दूर करके आपकी पूजा को पूर्णता प्रदान करती है। ऐसे में अगर आप आज चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने जा रहे हैं, तो आपको देवी की कृपा बरसाने वाली और पूजा का पूर्ण फल दिलाने वाली मां कूष्मांडा की आ​रती विधि-विधान से करनी चाहिए। यहां देखिए मां कूष्मांडा की पूरी आरती। Chaitra Navratri Day 4: मां कूष्मांडा की आरती कूष्मांडा जय जग सुखदानी. मुझ…

Chaitra Navratri Day 4: सनातन धर्म में कोई भी पूजा बिना आरती के नहीं पूरी होती है। माना जाता है कि देवी-देवताओं की पूजा में आरती सभी गलतियों और कमियों को दूर करके आपकी पूजा को पूर्णता प्रदान करती है। ऐसे में अगर आप आज चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने जा रहे हैं, तो आपको देवी की कृपा बरसाने वाली और पूजा का पूर्ण फल दिलाने वाली मां कूष्मांडा की आ​रती विधि-विधान से करनी चाहिए। यहां देखिए मां कूष्मांडा की पूरी आरती।

Chaitra Navratri Day 4: मां कूष्मांडा की आरती

Chaitra Navratri Day 4
Chaitra Navratri Day 4 (Source:Social Media)

कूष्मांडा जय जग सुखदानी.
मुझ पर दया करो महारानी॥

पिगंला ज्वालामुखी निराली.
शाकंबरी माँ भोली भाली॥

लाखों नाम निराले तेरे .
भक्त कई मतवाले तेरे॥

भीमा पर्वत पर है डेरा.
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥

सबकी सुनती हो जगदंबे.
सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥

तेरे दर्शन का मैं प्यासा.
पूर्ण कर दो मेरी आशा॥

माँ के मन में ममता भारी.
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥

तेरे दर पर किया है डेरा.
दूर करो माँ संकट मेरा॥

मेरे कारज पूरे कर दो.
मेरे तुम भंडारे भर दो॥

तेरा दास तुझे ही ध्याए.
भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥

मां कूष्मांडा की आरती कैसे करें

  • नवरात्रि में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आरती सुबह और शाम दोनों समय करनी चाहिए।
  • मां कूष्मांडा की आरती उनकी विधि-विधान से पूजा करने के बाद सबसे अंत में खड़े होकर करें।
  • देवी की आरती शुद्ध घी के बने दीये, कपूर, धूप आदि से करनी चाहिए।
  • आप अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार उनकी एक अथवा पांच या फिर सात बाती वाली दीये से आरती कर सकते हैं।
  • आरती करने के बाद दीया में पानी फेर लें और उसके बाद माता को दिखाने के बाद आरती लें फिर सभी को आरती लेने के लिए आगे बढ़ाएं।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।