Diwali 2026 Date: 8 या 9 नवंबर, कब है दीपावली? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी-गणेश पूजा की पूरी विधि

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यह आर्टिकल दिवाली 2026 के बारे में है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला दिवाली का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, और यह भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।

Diwali 2026 Date: हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली का पर्व मनाया जाता है। दिवाली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी के साथ सभी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, यह दिन अच्छे काम की शुरुआत, तरक्की और खुशहाली का प्रतीक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम 14 साल का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। उनकी आने की खुशी में अयोध्या के लोगों ने दीये जलाए थे। इसीलिए दिवाली को दीयों, खुशियों और अच्छाई का त्योहार माना जाता है। आइए, जानते हैं कि साल 2026 में दिवाली कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।

दिवाली 2026 की सही डेट (Diwali 2026 Date)

Diwali 2026
Diwali 2026 (AI Generated)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दिवाली कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे खत्म होगी। चूंकि शाम के समय पूजा की जाने वाली अमावस्या 8 नवंबर को ही पड़ रही है, इसलिए दिवाली 8 नवंबर को ही मनाई जाएगी।

लक्ष्मी पूजा का शुभ समय (Diwali 2026 Pujan Muhurat)

दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शाम को 5:54 बजे से 7:50 बजे तक का समय सबसे शुभ रहेगा। इस समय के दौरान आप सही नियम-कायदों से पूजा कर सकते हैं।

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा कैसे करें? (Diwali 2026 Puja Vidhi)

Diwali 2026 Puja
Diwali 2026 Puja (AI generated)
  • घर के पूजा घर की सफाई करके एक चौकी रखें।
  • चौकी पर साफ लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
  • चौकी पर पहले गणेश जी की मूर्ति रखें और उनकी दाहिनी तरफ मां लक्ष्मी की मूर्ति रखें। साथ ही कुबेर जी और मां सरस्वती जी का भी ध्यान करें।
  • चौकी पर थोड़े चावल रखें और उस पर जल से भरा कलश रखें। कलश में आम के पत्ते और ऊपर नारियल रखें।
  • पूजा के लिए रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, ताज़े फूल, दूर्वा, पान, सुपारी, कलावा, इत्र, फल, मिठाइयां, खील-बताशे और घी का दीपक तैयार रखें।
  • पूजा के स्थान पर बैठकर अपने ऊपर और पूजा के सामान पर थोड़ा गंगाजल छिड़कें।
  • हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर मन में सच्ची श्रद्धा से पूजा करने का संकल्प लें।
  • सबसे पहले गणेश जी को तिलक लगाएं, दूर्वा चढ़ाएं और उनके पसंदीदा मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जाप।
  • इसके बाद मां लक्ष्मी को लाल या गुलाबी फूल, कपड़े और सुहाग का सामान चढ़ाएं। मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।
  • घी का दीपक और कपूर जलाकर गणेश जी और लक्ष्मी जी की आरती करें। पूजा के बाद घर के हर कोने में और मुख्य दरवाजे पर दीये जलाकर रखें।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।