Jagannath Rath Yatra Puja Vidhi: घर बैठे पाना चाहते हैं भगवान जगन्नाथ की कृपा? यहां देखें आसान पूजा विधि और जरूरी नियम

Summary :

यह लेख हिंदू धर्म के एक अत्यंत पवित्र और भव्य उत्सव, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को घर पर ही मनाने और पूजा करने की विधि और नियमों के बारे में जानकारी देता है। यह विधि आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाने का वादा करती है।

हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा एक बहुत पवित्र और बड़ा उत्सव माना जाता है। ओडिशा में होने वाली इस यात्रा में शामिल होने के लिए दुनिया भर के लोग आते हैं। अगर आप अपने घर पर ही रहकर इस पावन दिन का हिस्सा बनना चाहते हैं और इस दिन को बड़े ही धूम-धाम से सेलिब्रेट करके पूजा करना चाहते हैं, तो आज हम आपको यहां जगन्नाथ भगवान की पूजा विधि और कुछ जरूरी नियम के बारे में बताएंगे, जो आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाने का काम करेंगे। आइए इसके बारे में इस आर्टिकल के जरिए विस्तार से जानते हैं।

जगन्नाथ भगवान की पूजा करने के नियम

 jagannath rath yatra ke niyam
jagannath rath yatra ke niyam (AI Generated)
  • पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ पीले या सफ़ेद रंग के कपड़े पहनें।
  • इस पूरे दिन घर में सिर्फ सात्विक भोजन ही बनाना चाहिए। लहसुन, प्याज या तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • अगर आप रख सकते हैं, तो इस दिन व्रत करके सिर्फ फल का सेवन करें।
  • इस दिन ज़रूरतमंदों को अनाज, कपड़े इस पैसे देना शुभ माना जाता है।

जगन्नाथ भगवान रथ यात्रा पूजा विधि

 agannath rath yatra puja rules
agannath rath yatra puja rules (AI Generated)
  • इस दिन अपने घर के मंदिर में जगन्नाथ भगवान, बलभद्र और सुभद्रा जी की फोटो को गंगाजल से साफ़ करें अगर मूर्ति धातु की है तो उसका पंचामृत से अभिषेक करें।
  • भगवान जगन्नाथ को साफ़ और सुंदर कपड़े पहनाएं। उन्हें पीले फूल, तुलसी के पत्ते, चंदन का तिलक लगाएं। तुलसी पत्ता के बिना ये पूजा अधूरी है।
  • वैसे तो भगवान को छप्पन भोग लगाए जाते हैं, लेकिन आप अपनी श्रद्धा के अनुसार, पुआ, बूंदी के लड्डू, फल, पेड़ा इस किसी भी मिठाई का भोग लगा सकते हैं।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।