Jyeshtha Month Me Kya Kare Kya Nahi: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का खास धार्मिक महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, ये साल का तीसरा महीना होता है, जो अपनी भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है। साल 2026 में इस पवित्र महीने की शुरुआत 2 मई से होगी और इसका समापन 29 जून को होगा। इस महीने का नाम ‘ज्येष्ठा नक्षत्र’ के आधार पर रखा गया है, जिसके स्वामी मंगल देव हैं।
आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय भगवान विष्णु, हनुमान जी और सूर्य देव की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। चूंकि इस दौरान सूरज की तपिश बहुत ज्यादा होती है, इसलिए शास्त्रों में जीवनशैली को लेकर कुछ खास नियम और अनुशासन बताए गए हैं। अगर इन नियमों का पालन न किया जाए, तो सेहत बिगड़ने के साथ-साथ धन की हानि और मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।
Jyeshtha Month Me Kya Kare Kya Nahi: ज्येष्ठ महीने में क्या करना चाहिए?

- शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए हमेशा सादा और सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
- सूर्य देव, हनुमान जी और भगवान विष्णु के साथ-साथ जल के देवता ‘वरुण देव’ की भी पूजा करें।
- जरूरतमंद लोगों को सत्तू, अनाज, धन और कपड़े दान करें। साथ ही उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराएं।
- इस महीने में प्यासों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है। मान्यता है कि जल दान करने से पुराने पापों से मुक्ति मिलती है।
- अपने घर की छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए दाना और पानी रखें। बेजुबान जानवरों की सेवा करने से देवी-देवता अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
- गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं जैसे मिट्टी का घड़ा, हाथ वाला पंखा, जूते-चप्पल और छाते का दान जरूर करें। इससे घर में बरकत और खुशहाली आती है।
किन कार्यों को करने से बचें?
- मांस, मछली, शराब, और लहसुन-प्याज़ जैसी चीजों से दूर रहें। इससे आपका मन शांत रहेगा और नकारात्मक विचार नहीं आएंगे।
- ज्येष्ठ में पानी की एक-एक बूंद कीमती होती है। जल का अपमान करना या किसी प्यासे को पानी देने से मना करना बड़ा दोष माना जाता है।
- गर्मी की वजह से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है। कोशिश करें कि किसी से झगड़ा न करें और अपनी वाणी पर संयम रखें ताकि रिश्ते खराब न हों।
- इस महीने में हरियाली का महत्व बढ़ जाता है। भूलकर भी पेड़ों को न काटें और न ही उन्हें नुकसान पहुंचाएं, बल्कि पौधों को पानी देकर उनकी सेवा करें।
- सुबह देर तक सोए रहना सेहत और सौभाग्य दोनों के लिए बुरा है। सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और ध्यान करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।
Jyeshtha Month Ka Mahatva: ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व

इस महीने को भगवान विष्णु और हनुमान जी का आशीर्वाद पाने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। ज्येष्ठ में पड़ने वाले बड़ा मंगल की बहुत मान्यता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति आती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस महीने में जल और अन्न का दान करने से कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है। यह महीना नियंत्रण, तपस्या और दूसरों की मदद करने की सीख देता है।


Download Android App
Download iOS App




