हिंदू धर्म में पूर्णिमा के दिन का बहुत खास महत्व माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों, जैसे गंगा जी में स्नान और दान-पुण्य करने से घर में बरकत आती है। हर महीने की पूर्णिमा खास होती है, लेकिन ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा का अपना अलग महत्व है। 29 जून को जेठ के महीने की पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसे ज्येष्ठ पूर्णिमा भी कहा जाएगा। अगर आप इस दिन व्रत रख रहे हैं और पूजा करने वाले हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि इस दिन आपको क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए। आइए, जानें कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं (Jyestha Purnima Do’s and Don’ts) ?
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्या करें?

- पवित्र नदी में स्नान और दान: पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर आप नदी पर नहीं जा सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर नहा लें। इसके बाद अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार तिल, कपड़े, अनाज या पानी से भरा मिट्टी का घड़ा किसी जरूरतमंद को दान करें।
- भगवान सत्यनारायण की कथा: इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की खास पूजा की जाती है। घर में सुख और शांति बनाए रखने के लिए इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा खुद पढ़ें या परिवार के साथ सुनें।
- माता लक्ष्मी की पूजा: पूर्णिमा की शाम को धन की देवी मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
- चंद्रदेव को अर्घ्य दें: पूर्णिमा की रात को चांद पूरा गोल दिखाई देता है। इसलिए रात के समय कच्चे दूध में गंगाजल और थोड़े अक्षत मिलाकर चंद्रमा को जल जरूर चढ़ाएं। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है।
- पीपल के पेड़ की पूजा: माना जाता है कि पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। इसलिए इस दिन शाम को पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर किन कामों से बचें?

- देर तक न सोएं: पूर्णिमा की सुबह माहौल में बहुत सकारात्मक ऊर्जा होती है। इसलिए इस दिन सूरज उगने के बाद तक सोए न रहें। सुबह जल्दी उठकर नहाएं और पूजा-पाठ करें।
- नॉन-वेज खाने से बचें: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भूलकर भी मांस, शराब, लहसुन या प्याज जैसी चीजों का सेवन न करें। इस दिन सिर्फ सादा और शुद्ध खाना ही खाएं।
- किसी का दिल न दुखाएं: इस दिन घर के बुजुर्गों, महिलाओं या किसी भी गरीब का अपमान न करें। अगर आपके दरवाजे पर कोई मदद मांगने आए, तो उसे खाली हाथ न भेजें।
- पैसों का लेन-देन न करें: ज्योतिष के अनुसार पूर्णिमा के दिन न तो किसी को पैसा उधार देना चाहिए और न ही किसी से उधार लेना चाहिए। ऐसा करने से घर में पैसों की तंगी आ सकती है।
- लड़ाई-झगड़े और गुस्से से दूर रहें: पूर्णिमा के दिन घर का माहौल शांत और खुशनुमा रखना चाहिए। इस दिन किसी से बहस न करें और न ही गुस्से में किसी को भला-बुरा कहें। ऐसा करने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


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