आज है चैत्र मासिक शिवरात्रि! केवल 48 मिनट का है पूजा का मुख्य मुहूर्त, ऐसे करें महादेव को प्रसन्न

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Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से शिव पूजा करने और उपवास रखने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। Masik Shivratri 2026 Shubh Muhurat: शुभ तिथि पंचांग के मुताबिक, चैत्र महीने की चतुर्दशी तिथि आज यानी 17 मार्च की सुबह 9:23 बजे शुरू हो चुकी है और 18 मार्च की सुबह 8:25 बजे खत्म होगी। शिव जी की पूजा रात में करना सबसे…

Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से शिव पूजा करने और उपवास रखने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Masik Shivratri 2026 Shubh Muhurat: शुभ तिथि

Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi
Masik Shivratri 2026 Shubh Muhurat (Source: Social Media)

पंचांग के मुताबिक, चैत्र महीने की चतुर्दशी तिथि आज यानी 17 मार्च की सुबह 9:23 बजे शुरू हो चुकी है और 18 मार्च की सुबह 8:25 बजे खत्म होगी। शिव जी की पूजा रात में करना सबसे ज्यादा फलदायक होता है, इसलिए मुख्य त्यौहार 17 मार्च की रात को ही मनाया जाएगा।

पूजा का सबसे उत्तम समय

शिवरात्रि पर शिव जी की पूजा के लिए निशिता काल सबसे उत्तम होता है।
पूजा का समय: 17 मार्च की देर रात 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक।
कुल समय: सिर्फ 48 मिनट।

Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi: पूजा कैसे करें?

Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi (1)
Masik Shivratri 2026 Puja Vidhi (Source: Social Media)
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद शिव जी की पूजा करने का मन में संकल्प लें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें।
  • भगवान जी को फल, मिठाई और भांग का भोग लगाएं।
  • ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा पढ़ें।
  • रात के शुभ मुहूर्त (निशिता काल) में दोबारा जल चढ़ाकर आरती करें।

शिवरात्रि क्यों है खास?

मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है और पुराने पापों से मुक्ति मिलती है। कुंवारे लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। साथ ही, शिवलिंग पर जल चढ़ाने से कुंडली के ग्रहों के दोष दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।