Varuthini Ekadashi 2026 Puja Samagri: हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी का खास महत्व है। हर एकादशी की तरह यह दिन भी भगवान विष्णु की भक्ति और उपवास के लिए समर्पित है। इस दिन पूरे नियम और श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
इस साल वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जा रहा है। यह तिथि 13 अप्रैल की रात 01:16 बजे से शुरू हो चुकी है जो 14 अप्रैल की रात 01:08 बजे तक रहेगी। इस दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा की जाती है, जो हमें मुश्किलों से लड़ने की शक्ति देते हैं। इस दिन कुछ कार्य शुभ माने जाते हैं, वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। आइए जानें वरुथिनी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
Varuthini Ekadashi 2026 Puja Samagri: पूजा के लिए जरूरी वस्तुएं

- भगवान विष्णु की मूर्ति या फोटो
- पीले कपड़े
- गंगाजल
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण)
- तुलसी के पत्ते
- फल
- फूल
- अगरबत्ती
- दीपक
- चंदन
- चावल
- भोग
Varuthini Ekadashi Puja Kaise Kare: पूजा करने का आसान तरीका

- सुबह जल्दी स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- एक साफ चौकी पर भगवान विष्णु की फोटो रखें।
- भगवान को चावल (अक्षत), फल, पीले फूल और चंदन चढ़ाएं।
- धूप-दीपक जलाकर आरती करें।
- विष्णु जी की पूजा में तुलसी के पत्ते सबसे जरूरी हैं, इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
- पूजा करते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें, इससे मन को शांति मिलती है।
- शाम को घी का दीपक जलाकर ‘विष्णु सहस्रनाम’ पढ़ना बहुत फायदेमंद होता है।
Varuthini Ekadashi Mahatav: वरुथिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में वरुथिनी एकादशी बहुत पुण्य देने वाली मानी जाती है। कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से पुराने से पुराने पाप मिट जाते हैं और इंसान को मोक्ष मिलता है। पूरे विधि विधान के साथ इस व्रत को करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आता है। शास्त्रों के अनुसार, इस एक दिन के व्रत का फल 10 हजार सालों की तपस्या के बराबर होता है।


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