आंधी-फिसलन और 200 मीटर तक घिसटती चली गई क्रेन… मजदूरों पर मौत बन कर गिरी अनियंत्रित गैंट्री क्रेन, 3 की गई जान

Summary :

Faridabad Crane Accident : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कंस्ट्रक्शन साइट पर एक भीषण क्रेन हादसा हुआ है। इसका एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के बीच, वहां खड़ी सैकड़ों टन वजनी विशालकाय गैंट्री क्रेन अचानक अपनी पटरी पर खिसकने लगती है। रफ्तार पकड़ते ही वह पूरी तरह अनियंत्रित हो गई और सीधे वहां बने लोहे के पोर्टा केबिन पर जा पलटी। हादसे के वक्त मौसम बहुत खराब था। चश्मदीदों ने बताया कि तेज हवा के दबाव और ट्रैक पर कीचड़-फिसलन…

Faridabad Crane Accident : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के कंस्ट्रक्शन साइट पर एक भीषण क्रेन हादसा हुआ है। इसका एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के बीच, वहां खड़ी सैकड़ों टन वजनी विशालकाय गैंट्री क्रेन अचानक अपनी पटरी पर खिसकने लगती है। रफ्तार पकड़ते ही वह पूरी तरह अनियंत्रित हो गई और सीधे वहां बने लोहे के पोर्टा केबिन पर जा पलटी।

हादसे के वक्त मौसम बहुत खराब था। चश्मदीदों ने बताया कि तेज हवा के दबाव और ट्रैक पर कीचड़-फिसलन होने की वजह से यह भारी-भरकम क्रेन करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई। ब्रेक या लॉक सिस्टम फेल होने के कारण क्रेन सीधे केबिन के ऊपर गिरी और उसे मलबे में तब्दील कर दिया।

Crane Collapse : केबिन में छिपे थे मजदूर

Faridabad Crane Accident
Faridabad Crane Accident (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

सबसे दुखद बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त चार मजदूर आंधी और तेज बारिश से बचने के लिए उसी पोर्टा केबिन के अंदर बैठे हुए थे। क्रेन इतनी भारी थी कि उसके गिरते ही केबिन पूरी तरह पिचक गया। अंदर मौजूद चारों कर्मचारी मलबे में दब गए। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक को जैसे-तैसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Faridabad Crane Collapse : 3 घंटे बाद निकले शव

घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। क्रेन का वजन इतना ज्यादा था कि उसे हटाना नामुमकिन लग रहा था। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने गैस कटर मंगाए। पिचक चुके लोहे के केबिन को काटकर करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। इस हादसे के बाद अब निर्माण स्थल पर सुरक्षा के इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।