तावडू के होटलों से रवाना हुए कर्नाटक के विधायक

Summary :

आईटीसी ग्रांड भारत होटल व समीप में स्थित लैमन ट्री होटल में ठहरे हुए कर्नाटक के बीजेपी विधायकों ने शनिवार दोपहर तक दोनों होटलों को खाली कर दिया।

तावडू : उपमंडल के गांव सराय में गत सोमवार रात से आईटीसी ग्रांड भारत होटल व समीप में स्थित लैमन ट्री होटल में ठहरे हुए कर्नाटक के बीजेपी विधायकों ने शनिवार दोपहर तक दोनों होटलों को खाली कर दिया। सूत्रानुसार विधायकों ने अपनी दिल्ली की ओर रवानगी की है। विधायकों की इस रवानगी पर होटल प्रबंधन सहित प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

उल्लेखनीय है कि गत सोमवार रात से कर्नाटक बीजेपी के 104 विधायकों ने उपमंडल के गांव सराय में स्थित आइटीसी गोल्फ रिजोर्ट में अपना डेरा जमा रखा था। वहीं गुरूवार रात को लगभग दो दर्जन विधायकों ने इसी होटल के पास स्थित तरूधन वैली के लेमन ट्री होटल में अपनी शिफ्टिंग कर ली थी। विधायकों की दो-दो जगह शिफ्टिंग के विभिन्न राजनीतिक मायने निकाले जा रहे थे।

लेकिन शनिवार को इन सब मायनों पर पानी फिर गया। दोपहर तक सभी विधायकों ने अपना बौरिया बिस्तर समेट दिल्ली की ओर कूच किया। प्रसन्नता की मुद्रा में बाहर निकले इन विधायकों में से 4 विधायक मीडिया से भी रूबरू हुए। विधायक श्रीरामुलु, कुमार बंगारप्पा, राजीव गौडा व रैणुका चार्य ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी ने कोई भी ऑपरेशन लॉटस नहीं किया। बीजेपी लोकतंत्र में विश्वास रखती है। कांग्रेस-जेडीएस की जोड़तोड़ की सरकार है।

पहले दोनों पार्टियां अपनी गिरेबान में झांके व जनता को सरकार चलाकर दिखाएं। हां, जल्द ही लोकसभा चुनाव हैं। जिसको लेकर विधायकों ने यहां रणनीति बनाई है। अब विपक्ष इसके क्या मायने निकला वो उन पर निर्भर है। वहीं विधायकों की एकाएक इस रवानगी को भी राजनीतिक जानकार विभिन्न मायनों से देख रहे हैं। कोई राजनीतिक जानकार कहता है कि ऑपरेशन लॉटस की विफलता के चलते बीजेपी हाइकमान ने अपने विधायकों को कर्नाटक वापिस जाने के आदेश दिए हैं।

तो कोई कहता है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर बीजेपी हाइकमान की पैनी नजर थी। लेकिन इस बैठक की सफलता के बाद बीजेपी हाइकमान ने अपने विधायकों को यहां से दिल्ली कूच का आदेश दिया। खैर कर्नाटक का राजनीतिक परिदृश्य आगे क्या होगा ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन दो-दो होटलों में बीजेपी विधायकों के ठहराव ने कांग्रेस हाइकमान के अवश्य चिंता की लकीरें बढा रखी थी। अब चूंकि विधायकों का इन होटलों से आवागमन हो चुका है इसलिए कांग्रेस लीडरशिप संग होटल प्रबंधन व खुफिया विभाग को अवश्य ही राहत की सांस मिली है।

– नरेश मैहंदीरत्ता

Desk Team