Aaj Ka Panchang 01 February 2026: आज 01 फरवरी 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जिसे माघी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। माघ पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस पावन तिथि पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
आज के दिन पुष्य नक्षत्र और प्रीति योग का शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही रविवार होने के कारण रवि पुष्य योग और सर्वार्थसिद्धि योग भी पूरे दिन रहेगा, जो खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। चंद्रमा आज कर्क राशि में गोचर करेंगे, जिससे भावनात्मक स्थिरता और पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी।
आज का पंचांग: 01 फरवरी 2026
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
पूर्णिमांत माह: माघ
अमांत माह: माघ
तिथि का विवरण
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: 01 फरवरी सुबह 05:52 बजे से 02 फरवरी सुबह 03:39 बजे तक
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा: 02 फरवरी सुबह 03:39 बजे से 03 फरवरी सुबह 01:52 बजे तक
नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र: 01 फरवरी रात 01:34 बजे से 01 फरवरी रात 11:57 बजे तक
आश्लेषा नक्षत्र: 01 फरवरी रात 11:58 बजे से 02 फरवरी रात 10:47 बजे तक
योग
प्रीति योग: 31 जनवरी दोपहर 01:33 बजे से 01 फरवरी सुबह 10:18 बजे तक
आयुष्मान योग: 01 फरवरी सुबह 10:18 बजे से 02 फरवरी सुबह 07:20 बजे तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 07:10 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:10 बजे
चंद्रोदय: 01 फरवरी शाम 05:43 बजे
चंद्रास्त: 02 फरवरी सुबह 07:23 बजे
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 बजे से 01:02 बजे तक
अमृत काल: शाम 05:59 बजे से 07:28 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:34 बजे से 06:22 बजे तक
अशुभ काल
राहुकाल: शाम 04:47 बजे से 06:09 बजे तक
यम गण्ड: दोपहर 12:40 बजे से 02:02 बजे तक
कुलिक काल: दोपहर 03:25 बजे से 04:47 बजे तक
दुर्मुहूर्त: शाम 04:41 बजे से 05:25 बजे तक
वर्ज्यम्: सुबह 09:02 बजे से 10:32 बजे तक
आज के विशेष शुभ योग
रवि पुष्य योग: 01 फरवरी सुबह 07:10 बजे से रात 11:57 बजे तक
सर्वार्थसिद्धि योग: 01 फरवरी सुबह 07:10 बजे से रात 11:57 बजे तक
माघी पूर्णिमा का महत्व
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान, दान, जप और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फलदायी होता है। तीर्थ स्थानों पर स्नान और भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।























