Aaj Ka Panchang 03 April 2026: वैशाख माह का प्रारंभ, जानें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्त

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Aaj Ka Panchang 03 April 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य को करने से पहले पंचांग देखा जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 03 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन से हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना वैशाख प्रारंभ हो रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस महीने में स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु की पूजा का…

Aaj Ka Panchang 03 April 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य को करने से पहले पंचांग देखा जाता है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है।

03 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन से हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना वैशाख प्रारंभ हो रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस महीने में स्नान, दान, व्रत और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि इस माह में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार 03 अप्रैल 2026 को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और व्याघात योग का संयोग बनेगा। वहीं चंद्रमा पहले कन्या राशि में रहेंगे और इसके बाद तुला राशि में गोचर करेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं 03 अप्रैल 2026 का संपूर्ण पंचांग।

आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 03 April 2026

विक्रम संवत – 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत – 1948 (पराभव)
माह – वैशाख (पूर्णिमान्त)
माह – चैत्र (अमान्त)

हिंदू पंचांग के अनुसार विभिन्न परंपराओं में माह की गणना अलग-अलग तरीके से की जाती है। पूर्णिमान्त परंपरा में पूर्णिमा से माह का अंत माना जाता है, जबकि अमान्त परंपरा में अमावस्या से माह समाप्त होता है।

तिथि

03 अप्रैल को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 08:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। प्रतिपदा तिथि को नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है, वहीं इस दिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य भी किए जाते हैं।

नक्षत्र

इस दिन चित्रा नक्षत्र शाम 07:25 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र प्रारंभ होगा। चित्रा नक्षत्र को रचनात्मक कार्यों, कला और सौंदर्य से जुड़े कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं स्वाती नक्षत्र स्वतंत्रता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

योग

03 अप्रैल को व्याघात योग दोपहर 02:09 बजे तक रहेगा। इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा। व्याघात योग को सामान्य कार्यों के लिए ठीक माना जाता है, लेकिन बहुत बड़े या महत्वपूर्ण कार्यों को इस योग में करने से बचना चाहिए। वहीं हर्षण योग शुभ और सकारात्मक माना जाता है, जो नए कार्यों के लिए अनुकूल रहता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

इस दिन सूर्य और चंद्रमा से जुड़े समय इस प्रकार रहेंगे:

सूर्योदय – 06:09 ए एम
सूर्यास्त – 06:40 पी एम
चंद्रोदय – 08:04 पी एम
चंद्रास्त – 06:27 ए एम

इन समयों के आधार पर दिन और रात के शुभ मुहूर्तों की गणना की जाती है। धार्मिक अनुष्ठान और पूजा के लिए इन समयों का विशेष महत्व होता है।

अशुभ काल

हिंदू पंचांग में कुछ ऐसे समय भी बताए गए हैं जिन्हें अशुभ माना जाता है। इन समयों में महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।

राहुकाल – 10:51 ए एम से 12:25 पी एम
यमगण्ड काल – 03:32 पी एम से 05:06 पी एम
गुलिक काल – 07:43 ए एम से 09:17 ए एम

इन कालों के दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

शुभ काल

03 अप्रैल को कुछ विशेष शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं जिनमें पूजा-पाठ या नए कार्य करना लाभकारी माना जाता है।

अभिजित मुहूर्त – 12:00 पी एम से 12:50 पी एम
ब्रह्म मुहूर्त – 04:37 ए एम से 05:23 ए एम

ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, साधना और पूजा के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। वहीं अभिजित मुहूर्त दिन का एक अत्यंत शुभ समय होता है जिसमें अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं।

वैशाख माह का धार्मिक महत्व

वैशाख माह को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस महीने में गंगा स्नान, दान-पुण्य, व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस महीने में किए गए धार्मिक कार्यों से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Aaj Ka Panchang 03 April 2026: इस प्रकार 03 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देखकर ही कार्य करना बेहतर रहेगा।

Shera Rajput