Irani B1 Bridge destroyed in US strikes: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर हवाई हमले की खबर सामने आई है। मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे माने जा रहे B1 ब्रिज को निशाना बनाया गया है। इस घटना के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समझौते का समय है, वरना हालात और गंभीर हो सकते हैं।
अलबोर्ज प्रांत के करज इलाके में स्थित है B1 ब्रिज
B1 ब्रिज Iran के अलबोर्ज प्रांत के करज इलाके में स्थित है और यह अभी निर्माणाधीन था। यह पुल राजधानी Tehran को पश्चिमी शहर Karaj से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण हाईवे ब्रिज माना जा रहा था।
करीब 1050 मीटर लंबे इस पुल को मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े और ऊंचे पुलों में गिना जा रहा था। यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा होने के करीब था और इसके शुरू होने से तेहरान और करज के बीच यातायात को काफी राहत मिलने की उम्मीद थी।
हमले में दो लोगों की मौत, बिजली आपूर्ति भी ठप
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हवाई हमले में इस ब्रिज को काफी नुकसान पहुंचा है। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
बिजली बाधित होने के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। प्रशासन फिलहाल नुकसान का आकलन करने और हालात को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है।
प्रोजेक्ट पर खर्च हुए थे करोड़ों डॉलर
यह पुल ईरान के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रोजेक्ट पर करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 37 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे।
यह ब्रिज तेहरान और करज के बीच ट्रैफिक को कम करने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया।
🚨BREAKING:🇺🇸 Trump posted footage of the US strike on the B-1 bridge in Karaj, Iran.
He says, it is time to make a deal or face further destruction of civilian infrastructure.
🇮🇷 Iran’s meditator has reportedly killed in Israel’s strikes. pic.twitter.com/I8Jj8oNPML
— Saturn World News (@SaturnWorldNews) April 2, 2026
इस वीडियो में ट्रंप ने दावा किया कि यह हमला ईरान के सबसे बड़े पुलों में से एक पर किया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा,
“अभी भी वक्त है, समझौता कर लो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी। अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला तो उसमें कुछ भी नहीं बचेगा, जबकि वह अब भी एक महान देश बन सकता है।”
ट्रंप के इस बयान को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी मीडिया ने भी हमले की पुष्टि की
हमले के बाद ईरान के सरकारी मीडिया और Press TV ने भी पुष्टि की है कि B1 ब्रिज को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले के कारण इलाके में बिजली संकट पैदा हो गया है और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
डेढ़ साल से संघर्ष की आग में जल रहा मिडिल ईस्ट
पिछले करीब डेढ़ साल से मिडिल ईस्ट लगातार संघर्ष और तनाव का सामना कर रहा है। अक्टूबर 2023 में गाजा में Hamas और Israel के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी।
इसके बाद यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल गया। इजरायल ने लेबनान में Hezbollah के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, जबकि यमन में Houthi movement ने लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
क्षेत्रीय तनाव में ईरान की अहम भूमिका
इस पूरे क्षेत्रीय संघर्ष में ईरान की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे संगठनों को समर्थन देता रहा है।
इसी वजह से ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव और सैन्य गतिविधियों के केंद्र में बना हुआ है। हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सीधे मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो आने वाले समय में यह संघर्ष और भी गंभीर रूप ले सकता है।


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