Aaj Ka Panchang 05 October 2025: आज अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, जानें- दिन का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Summary :

Aaj Ka Panchang 05 October 2025: आज रविवार, 05 अक्तूबर 2025 को अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और गंड योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:42 से 12:29 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल शाम 16:54 से 18:23 बजे तक रहेगा। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे। आज का महत्व अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तिथि भगवान शिव और कामदेव के अधिपत्य में रहती है। यह दिन नई किताबें लिखने, कला, नृत्य, और कर्मकांड जैसे कार्यों के लिए शुभ माना गया है।…

Aaj Ka Panchang 05 October 2025: आज रविवार, 05 अक्तूबर 2025 को अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन शतभिषा नक्षत्र और गंड योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:42 से 12:29 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल शाम 16:54 से 18:23 बजे तक रहेगा। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे।

आज का महत्व

अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तिथि भगवान शिव और कामदेव के अधिपत्य में रहती है। यह दिन नई किताबें लिखने, कला, नृत्य, और कर्मकांड जैसे कार्यों के लिए शुभ माना गया है। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए मंगलकारी है।

आज का पंचांग

विक्रम संवत: 2081

माह: आश्विन

पक्ष: शुक्ल पक्ष

तिथि: त्रयोदशी

दिन: रविवार

नक्षत्र: शतभिषा

योग: गंड

करण: तैतिल

चंद्र राशि: कुंभ

सूर्य राशि: कन्या

सूर्योदय: सुबह 06:32 बजे

सूर्यास्त: शाम 06:23 बजे

चंद्रोदय: शाम 04:54 बजे

चंद्रास्त: सुबह 05:08 बजे (6 अक्टूबर)

राहुकाल: शाम 16:54 से 18:23 बजे तक

यमगंड काल: दोपहर 12:27 से 13:56 बजे तक

नक्षत्र और राशि का प्रभाव

आज चंद्रमा कुंभ राशि में और शतभिषा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। यह नक्षत्र कुंभ राशि में सुबह 6:40 से रात 8:00 बजे तक रहेगा। वरुण देव इसके अधिदेवता और राहु इसके स्वामी हैं। शतभिषा नक्षत्र को सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता, लेकिन यह यात्रा आरंभ करने, आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने, और मित्रों से मिलने के लिए अत्यंत अनुकूल है।

आज का वर्जित समय

रविवार के दिन राहुकाल (16:54–18:23) के दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्य काल में भी शुभ कार्य वर्जित हैं।

Shera Rajput