कोलकाता : भारतीय वायुसेना को पहला राफेल लड़ाकू विमान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में मिल जाएगा। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
फ्रांसीसी कंपनी दसाल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमान दो इंजनों वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। यह परमाणु आयुध का इस्तेमाल करने में सक्षम है और यह हवा -से – हवा में और हवा -से – जमीन पर हमले कर सकता है।
रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव अजय कुमार ने बताया कि पहला राफेल लड़ाकू विमान भारत को सितंबर में मिल जाएगा।
भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जीगलर ने इस महीने की शुरूआत में भरोसा दिलाया था कि पहले राफेल विमान की आपूर्ति दो महीनों के अंदर कर दी जाएगी और यह बिल्कुल समय पर होगी।
उन्होंने कहा था कि भारतीय वायुसेना को सभी 36 राफेल विमानों की आपूर्ति अगले दो साल में कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि राफेल सौदे को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया था कि इसके अनुबंध में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।
राफेल के ऑफसेट साझेदार के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, ‘‘इसे नियमों के मुताबिक किया जाएगा।’’
उन्होंने यहां भारत चैम्बर डिफेंस फेसीलेशन सेंटर के उद्घाटन से इतर बात करते हुए यह कहा।


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