कोलकाता : प्रबुद्ध नागरिकों के एक समूह द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ‘धार्मिक पहचान-आधारित घृणा अपराधों’ की संख्या पर चिंता व्यक्त करने के बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि इन लोगों ने जो कुछ भी कहा है वह ‘काफी सही’ है और वह यह बात लंबे समय से कह रही हैं।
बनर्जी ने कहा कि जब भी देश में कोई समस्या होती है, जब भी सामाजिक समझ की आवश्यकता होती है, ये प्रमुख व्यक्तित्व सामने आते हैं और लोगों को प्रेरित करते हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा, ‘मैंने कई बार देखा है कि कई भाषण जो नहीं कर सके, उसे एक गीत ने कर दिखाया।’’ बनर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मैं उनका सम्मान करती हूं। मुझे लगता है कि उन्होंने जो भी कहा है वह काफी सही है। उन्होंने आज जो कुछ भी कहा है, मैं उसे लंबे समय से कह रही हूं।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक हिंदू हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह एक ईसाई से नफरत करेंगी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे सभी धर्मों से प्यार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नारे के लिए उनके मन में सम्मान है, चाहे वह धार्मिक हो या न हो। तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा, ‘लेकिन साथ ही, मेरा मानना है कि धर्म निजी मामला है, जबकि एक त्योहार हर किसी के लिए है।’’


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