मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को आज भारत लाया जाएगा। राणा पर 2008 के मुंबई हमले में शामिल होने का आरोप है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। दिल्ली और मुंबई की जेलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा और उससे पूछताछ की जाएगी।
मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और देश के मोस्ट वॉन्टेड तहव्वुर राणा को आज भारत लाया जा सकता है। तहव्वुर राणा को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राणा के आत्मसमर्पण के लिए भारत की कई एजेंसियों की टीमें इस समय अमेरिका में मौजूद हैं। दिल्ली और मुंबई की जेलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। राणा पर 2008 में हुए मुंबई हमले में शामिल होने का आरोप है। इस हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। लेंबे समय से भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। आखिरकार उसे भारत लाया जा रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था राणा
बताया जा रहा है कि राणा को भारत लाने के तुरंत के बाद उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया जाएगा। कुछ हफ्ते एनआईए उससे हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। बता दें पाकिस्तानी मूल का तहव्वुर राणा लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था। राणा के पास कनाडा की नागरिकता है। उसने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर मुंबई हमले को अंजाम दिया था।
उसने 26/11 मुंबई हमले में अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली की मदद की थी। अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ उसने कई बार अमेरिकी अदालतों में गुहार लगाई। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद भारत आने का रास्ता साफ हो गया है।
डेविड हेडली ने लिया था नाम
डेविड कोलमैन हेडली ने अमेरिकी जांच एजेंसियों को दिए अपने बयान में तहव्वुर का नाम लिया था। डेविड कोलमैन हेडली वो आतंकी है जो हमले से पहले मुंबई आया था और उसने मुंबई के ताज होटल, चबाड़ हाउस, लियोपोल्ड कैफे समेत कई अहम जगहों की रेकी की थी। बाद में आईएसआई और पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रशिक्षित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल, बार, रेस्टोरेंट और चबाड़ हाउस समेत कई जगहों पर हमला किया था।


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