सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान का बुधवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकाल से अलग हटते हुए स्वयं उनकी आगवानी की। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी बुधवार को सऊदी अरब के शाहजादे मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की और दोनों देशों के सामरिक संबंधों सहित आपसी रिश्तों के विविध आयामों पर चर्चा की।
वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के संबंध काफी पुराने हैं। सऊदी अरब भारत के मूल्यवान रणनीतिक पार्टनर में से एक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच तय हुआ है कि अब हर दो साल में साझा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब हमारा करीब दोस्त है। उन्होंने कहा कि आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है। उन्होंने कहा, सऊदी अरब भारत के सबसे मूल्यवान रणनीतिक साझेदारों में से एक है। हमारे संबंध मजबूत हुए हैं। मैं भारतीय बुनियादी ढांचे में सऊदी निवेश का स्वागत करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, हम सऊदी अरब का अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने का स्वागत करते हैं। हमने अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के बारे में भी चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने पुलवामा हमले का भी जिक्र किया और कहा, पुलवामा में हुआ बर्बर हमला दुनिया पर खतरे की निशानी है, हम सहमत थे कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने की जरूरत है।
संयुक्त बयान में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, अतिवाद और आतंकवाद हमारी सामान्य चिंताएं हैं। हम अपने मित्र भारत को बताना चाहते हैं कि हम सभी मोर्चों पर सहयोग करेंगे, यह खुफिया साझाकरण है। हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए हर किसी के साथ काम करेंगे।


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