नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को एकता की शपथ दिलाई। इस दौरान देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के सामूहिक संकल्प को दोहराया गया।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती की पूर्व संध्या पर दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विजेंद्र गुप्ता ने सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने जीवन से यह साबित किया कि राष्ट्रीय एकता के लिए साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें यह संदेश देता है कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर हमेशा राष्ट्रहित को रखा जाना चाहिए।
विधानसभा अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पीकर ने स्वतंत्रता संग्राम और आजादी के बाद देश के एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि 550 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय सरदार पटेल की दूरदृष्टि, राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ नेतृत्व का परिणाम था। यह स्वतंत्रता के बाद भारत की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल ने बातचीत और सख्त कार्रवाई के संतुलित उपयोग से बिखरे हुए राजनीतिक परिदृश्य को एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्र में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने विशेष रूप से हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सरदार पटेल ने जिस दृढ़ता का परिचय दिया, वह भारत की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्पीकर ने वर्ष 1928 के बारडोली सत्याग्रह का भी उल्लेख किया और कहा कि इस आंदोलन में उनके नेतृत्व ने उन्हें एक प्रभावशाली जननेता और अहिंसक आंदोलन के सफल आयोजक के रूप में स्थापित किया। इसी आंदोलन के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली थी।
कार्यक्रम में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक अभय वर्मा और विधायक अजय महावर भी मौजूद रहे।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल उच्च पदों पर रहने के बावजूद सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरित रहे। उन्होंने कहा कि उनकी विरासत केवल भारत के राजनीतिक एकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व, सामूहिक संकल्प और जनउत्तरदायित्व जैसे मूल्यों से भी जुड़ी है।
उन्होंने विधानसभा अधिकारियों से सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल शपथ लेने से नहीं, बल्कि रोजमर्रा के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी निभाने से मजबूत होती है।
स्पीकर ने कहा कि इन मूल्यों को अपनाना और आगे बढ़ाना ही भारत के राष्ट्रीय एकीकरण के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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