आयोग की बड़ी कार्रवाई, चुनावों से पहले 408 करोड़ रुपए की अवैध सामग्री जब्त

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नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। अप्रैल से शुरू हो रहे विधानसभा और उपचुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती तेज कर दी है। आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 400 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है। 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 राज्यों में उपचुनावों की तारीखों का ऐलान किया था। इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे। 24 मार्च को…

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। अप्रैल से शुरू हो रहे विधानसभा और उपचुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती तेज कर दी है। आयोग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 400 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है।

15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 राज्यों में उपचुनावों की तारीखों का ऐलान किया था। इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए थे।

24 मार्च को आयोग ने चुनावी राज्यों और उनके 12 पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिवों, डीजीपी, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में चुनावों को हिंसा, डर और लालच से मुक्त कराने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

चुनावी गड़बड़ियों पर नजर रखने के लिए आयोग ने देशभर में 5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं, जो शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अलावा, 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (एसएसटी) भी अलग-अलग जगहों पर अचानक चेकिंग और नाके लगाकर निगरानी कर रही हैं।

आयोग के अनुसार, 26 फरवरी से 25 मार्च के बीच इलेक्ट्रॉनिक सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) के जरिए कुल 408.82 करोड़ रुपए की अवैध सामग्री जब्त की गई है। इसमें 17.44 करोड़ रुपए नकद, 37.68 करोड़ रुपए की शराब (करीब 16.3 लाख लीटर), 167.38 करोड़ रुपए के ड्रग्स, 23 करोड़ रुपए के कीमती धातु और 163.30 करोड़ रुपए से ज्यादा के अन्य मुफ्त उपहार शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी या उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां बनाई गई हैं, ताकि किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान हो सके।

आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे एमसीसी उल्लंघन की शिकायत सी-विजिल ऐप के जरिए दर्ज करें। 15 मार्च से 25 मार्च के बीच इस ऐप पर 70,944 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 70,831 का निपटारा कर दिया गया है। खास बात यह है कि 67,899 यानी 95.8 प्रतिशत शिकायतों का समाधान 100 मिनट के भीतर किया गया।

इसके अलावा, आयोग ने एक कॉल सेंटर नंबर 1950 भी जारी किया है, जहां कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

–आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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